हाईकोर्ट के परिसीमन रद्द करने के फैसले के बाद निकाय चुनाव की समय-सीमा पर संशय, सुप्रीम कोर्ट का रुख

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राजस्थान में 113 नगरीय निकायों के चुनाव पर संशय बरकरार है। हाईकोर्ट द्वारा परिसीमन रद्द किए जाने के बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्थगन के लिए याचिका दायर की है।

Rajasthan: Doubts over the timeline for civic elections after the High Court's decision to cancel delimitation

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव तय समय पर होते नजर नहीं आ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से राजस्थान में 15 अप्रैल तक निकाय चुनाव करवाने की तय की गई समय सीमा पर संशय बन गया है। राज्य सरकार ने 113 नगरीय निकायों के चुनाव स्थगित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है। याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट द्वारा इन निकायों के परिसीमन को निरस्त किए जाने के बाद चुनाव कराना संभव नहीं है, इसलिए समय-सीमा बढ़ाई जाए।

सरकार का तर्क है कि 309 में से 113 निकायों के वार्ड परिसीमन पर हाईकोर्ट ने आपत्ति जताई थी। हालांकि वार्डों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन उनकी आंतरिक सीमाओं में संशोधन किया गया था, जिसे अदालत ने रद्द कर दिया। अब इन निकायों में परिसीमन की प्रक्रिया दोबारा पूरी करनी होगी, जिसके लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता बताई गई है।

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उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 14 नवंबर को करीब 439 याचिकाओं पर निर्णय देते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही 31 दिसंबर तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने भी 15 अप्रैल तक चुनाव कराने की समय-सीमा को बरकरार रखा था।

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Author: Farheen

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