पंजाब में 3.08 लाख करोड़ की क्रेडिट प्लानिंग: MSME को सबसे बड़ा सहारा, कुल ऋण सीमा में 10.37% की बढ़ोतरी

Picture of Farheen

Farheen

SHARE:

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने अपनी ऋण संभावित योजना में एमएसएमई के लिए 1.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है।

Punjab gets Rs 3.08 lakh crore loan MSME get maximum benefit

पंजाब की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 3.08 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित ऋण व्यवस्था की गई है। इस बार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने अपनी ऋण संभावित योजना में एमएसएमई के लिए 1.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है।

कुल ऋण सीमा में पिछले वर्ष की तुलना में 10.37 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। कृषि क्षेत्र के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जिसमें 1.10 लाख करोड़ कृषि ऋण, 9.19 हजार करोड़ कृषि अवसंरचना और 5.76 हजार करोड़ कृषि सहायक गतिविधियों के लिए निर्धारित हैं।

एमएसएमई के अलावा निर्यात के लिए 17.51 हजार करोड़, आवास के लिए 17.24 हजार करोड़, शिक्षा के लिए 6.05 हजार करोड़, सामाजिक अवसंरचना के लिए 3.39 हजार करोड़ और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए 1.28 हजार करोड़ रुपये की संभावित ऋण सीमा तय की गई है। अन्य क्षेत्रों के लिए 2.76 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

योजना के अंतर्गत इस बार कृषि के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को भी प्राथमिकता वाले क्षेत्र में रखा गया है। उम्मीद है कि यह निर्णय पंजाब की आर्थिक प्रगति को दिशा देने में नीति निर्माताओं और हितधारकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शक साबित होगा। – बी. रमेश बाबू, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड

नाबार्ड ने हमेशा पंजाब सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। इस बार एमएसएमई सेक्टर पर ज्यादा फोकस है। पंजाब सरकार भी औद्योगिक इकाइयों को मजबूत करने में जुटी हुई है। ऐसे में नाबार्ड का प्रयास उद्योगों को और मजबूती देगा। – हरपाल सिंह चीमा, वित्तमंत्री, पंजाब

Farheen
Author: Farheen

सबसे ज्यादा पड़ गई