हिसार सिविल लाइन थाना पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में 15 मई 2025 को गिरफ्तार किया था। उस पर जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।

पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में गिरफ्तार यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर वीरवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी। अदालत में करीब आधा घंटा चली बहस में दोनों पक्षों ने साक्ष्य रखे। इस मामले की जांच अधिकारी निर्मला ने पेश होकर केस से संबंधित दस्तावेज पेश किए।
जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर वीरवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में जांच अधिकारी एसआई निर्मला ने पेश होकर अपना पक्ष रखा। अदालत ने ज्योति के वकील से उनका पक्ष सुना। ज्योति के वकील ने इस केस में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ज्योति मल्होत्रा ने किसी तरह की कोई भी देश विरोधी चीजें पाकिस्तान नहीं भेजी हैं। पुलिस ने बिना किसी आधार के एफआईआर दर्ज की है। सीक्रेट एक्ट लगाते समय यूनियन होम मिनिस्टर कम्पीटेंट अथॉरिटी की शिकायत (कंप्लेंट) होनी जरूरी है, मगर ज्योति के केस में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
पिछली सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी कोर्ट नहीं पहुंचने के चलते दोनों पक्षों की सुनवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद अदालत ने जांच अधिकारी को पूरे रिकॉर्ड के साथ 19 फरवरी को पेश होने के आदेश दिए थे।
पुलिस ने पिछले साल ज्योति को किया था गिरफ्तार
हिसार सिविल लाइन थाना पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में 15 मई 2025 को गिरफ्तार किया था। उस पर जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। ज्योति मल्होत्रा की जमानत को लोअर कोर्ट के बाद सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसके बाद वकील ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
