
रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय परिसर बुधवार को विरोध के नारों से गूंज उठा। शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, जिसमें ‘कर्मचारी एकता जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए गए। कुलपति की अध्यक्षता वाली इस बैठक के दौरान परिसर में हंगामा मचा रहा, क्योंकि यूनिवर्सिटी के शिक्षक और गैर-शिक्षक संघ पदोन्नति के मुद्दे पर दो धड़ों में बंट गए थे।
राज्यपाल ने रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णा कांत को बहाल किया, कुलपति के निलंबन आदेश पर लगाई रोक
कुलपति और रजिस्ट्रार के बीच तनाव का नया मोड़ आया है। बुधवार को कुलपति ने रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णा कांत को निलंबित कर दिया था, लेकिन हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए रजिस्ट्रार को बहाल कर दिया है।
राज्यपाल के आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि डॉ. कृष्णा कांत को उनकी मूल जिम्मेदारियां सौंपी जाएं और निलंबन आदेश को प्रभावी नहीं माना जाए।इसके साथ ही राज्यपाल ने कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक पर भी रोक लगा दी है।
कुलपति और राज्यपाल के निर्देशानुसार ईसी की बैठक को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। यह फैसला पदोन्नति और अन्य विवादास्पद मुद्दों पर चल रही ईसी बैठक के संदर्भ में आया है, जिसके दौरान परिसर में नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन हो रहा था।