
तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से दुल्हन की मां को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है जबकि दुल्हन व उसके भाई को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक सुरहा गांव निवासी हरकेश की शादी चार दिन पहले पंजाब के अमृतसर के पोटला बस्ती निवासी पलविंद्र कौर से करवाई गई थी। शादी को लेकर झज्जर की एक महिला बिचौलिये के माध्यम से करीब डेढ़ लाख रुपये का लेन-देन हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद दुल्हन ने पहले से बनाई गई योजना के तहत पति, सास और अन्य परिजनों को मंगलवार रात को सब्जी में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया।
परिजन जब अचेत अवस्था में थे उसी समय दुल्हन गहने और नकदी समेटकर एक गाड़ी में फरार हो गई। इस दौरान पड़ोसियों को उस पर शक हो गया और उन्होंने गाड़ी का पीछा करके दुल्हन पलविंद्र कौर, उसकी मां सर्वजीत कौर और भाई दीपक को पकड़ लिया जबकि दुल्हन का मामा मोहन सिंह मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि दुल्हन के फरार होने के लिए एक इको गाड़ी की व्यवस्था पहले से की गई थी, जिसमें उसकी मां और भाई दीपक मौजूद थे।
पुलिस ने हिरासत में लिए आरोपी
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी दुल्हन व उसके परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस आरोपियों को निशानदेही के लिए गांव भी लेकर पहुंची। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने सर्वजीत कौर, पलविंद्र कौर व दीपक को अदालत में पेश किया, जहां से सर्वजीत कौर को एक दिन के रिमांड पर लिया गया जबकि बाकी दो को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों से कहीं इससे पहले कोई ठगी तो नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि हरकेश के साथ पलविंद्र नामक जिस लड़की की शादी करवाई गई, वह पहले से ही शादीशुदा थी। अपने पति की मौत के बाद उसने यहां अपने परिजनों के साथ मिलकर ठगी की योजना बनाई थी, लेकिन योजना सिरे चढ़ पाती, उससे पहले ही यह लोग पकड़े गए। दुलीना चौक के जांच अधिकारी एएसआई जितेंद्र ने बताया कि सुरहा गांव में दुल्हन व उसके परिवार द्वारा ससुरालजन को नशीला पदार्थ देकर बेसुध कर भागने का प्रयास किया था, जिनको ग्रामीणों ने पकड़ लिया। तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर अदालत में पेश किया गया, जहां से एक को एक दिन के रिमांड व दो को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।




