एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब राजस्व घाटे वाले राज्यों की सूची में शामिल है, लेकिन अन्य राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल और कर्नाटक की स्थिति सूबे से भी खराब है। दोनों राज्यों ने 7.40% ब्याज दर पर ऋण लिया है।

पंजाब सरकार ने अप्रैल से दिसंबर 2025 तक विकास कार्यों के लिए कुल 31,750 करोड़ रुपये का ऋण लिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य उच्च ब्याज दर पर ऋण ले रहा है, औसत 7.18% पर, जो राज्यों के औसत 7.16% से थोड़ा अधिक है।
एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब राजस्व घाटे वाले राज्यों की सूची में शामिल है, लेकिन अन्य राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल और कर्नाटक की स्थिति सूबे से भी खराब है। दोनों राज्यों ने 7.40% ब्याज दर पर ऋण लिया है। अर्थशास्त्र प्रोफेसर बिमल अंजुम ने कहा कि पंजाब को बाजार ऋणों पर थोड़ा अधिक ब्याज चुकाना पड़ रहा है, लेकिन यह स्थिति उच्च जोखिम वाली नहीं है।
राज्य सरकार ने आगामी केंद्रीय बजट में विशेष पैकेज की मांग की है। इसमें फसल विविधीकरण के लिए बजट बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति एकड़ करने, नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए उन्नत एंटी-ड्रोन तकनीक हेतु 1,000 करोड़ रुपये और अन्य सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
महंगाई से मिली थोड़ी राहत
राज्य महंगाई के शीर्ष पांच राज्यों की सूची से बाहर हो गया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पंजाब की महंगाई दर घटकर 1.82% तक पहुंच गई है। जीएसटी में कटौती और अन्य उपायों से राज्य को राहत मिली है। एसबीआई के अनुसार पंजाब का कुल जीएसटी राजस्व वर्ष में 28,507 करोड़ रुपये तक बढ़ने का अनुमान है।
जीएसटी घाटा और आरडीएफ बकाया
पंजाब ने केंद्र को 6,000 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व घाटे की जानकारी दी है। साथ ही 7,757 करोड़ रुपये के आरडीएफ फंड के बकाया जारी करने की मांग भी की गई है। वित्त विभाग ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव केंद्र को सौंपा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही वित्तीय प्रबंधन और केंद्र से सहयोग मिलने पर पंजाब अपने विकास कार्यों को समय पर पूरा कर सकता है, जबकि उच्च ब्याज दर और घाटा निगरानी की चुनौती बने हुए हैं।




