बाड़मेर में ओरण व देवबन भूमि को डिम्ड फोरेस्ट घोषित करने को लेकर कलेक्टर टीना डाबी ने ग्रामीणों की आपत्तियां सुनीं। प्रशासन ने जनहित प्राथमिकता और चारागाह व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा दिलाया।

बाड़मेर जिले में ओरण और देवबन भूमि को डिम्ड फोरेस्ट घोषित किए जाने को लेकर जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर टीना डाबी की अध्यक्षता में आमजन की आपत्तियों पर विचार-विमर्श हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न इलाकों से आए ग्रामीणों ने ओरण भूमि को डिम्ड फोरेस्ट घोषित करने को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
बैठक में वीरातरा ट्रस्ट, शिवकर, चूली, ग्राम पंचायत बालेरा एवं रड़वा सहित कई गांवों से आए ग्रामीणों ने चिंता जताई कि ओरण और देवबन भूमि डिम्ड फोरेस्ट के रूप में दर्ज होने से स्थानीय आबादी और पशुधन के लिए चारागाह की समस्या उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि सदियों से ओरण भूमि पर उनकी आजीविका और पशुधन निर्भर रहा है तथा कई स्थानों पर धार्मिक स्थल एवं अन्य निर्माण भी मौजूद हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत सहित विभिन्न उपखंड अधिकारी, तहसीलदार तथा राजस्व और वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


