उज्जैन: ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज तड़के भस्म आरती के दौरान भक्तों को अद्भुत और दिव्य दर्शन प्राप्त हुए। बाबा महाकाल को इस अवसर पर वैष्णव तिलक लगाकर विशेष रूप से श्रृंगारित किया गया। भस्म आरती के दौरान जब बाबा के तीसरे नेत्र के दर्शन हुए, तो पूरा मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।

भोर काल में संपन्न हुई भस्म आरती में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पुजारियों द्वारा विधिविधान से बाबा महाकाल का अभिषेक किया गया, जिसके बाद भस्म से श्रृंगार किया गया। वैष्णव तिलक में सजे बाबा का स्वरूप अत्यंत मनोहारी और दिव्य दिखाई दिया। भक्तों का मानना है कि इस रूप में दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
तीसरे नेत्र के दर्शन को लेकर भक्तों में खास उत्साह देखा गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा महाकाल का तीसरा नेत्र ज्ञान, शक्ति और संहार का प्रतीक है। भस्म आरती के समय यह स्वरूप दुर्लभ माना जाता है, जिसके दर्शन मात्र से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं। दर्शन के दौरान व्यवस्था सुचारु बनी रही और श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक बाबा महाकाल के दर्शन किए। कई भक्तों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है, लेकिन आज का यह विशेष श्रृंगार और तीसरे नेत्र के दर्शन भक्तों के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली माने जा रहे हैं।
बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन के साथ ही भक्तों ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और श्रद्धा भाव से मंदिर परिसर से विदा हुए।


