महाराष्ट्र न्यूज़ डेस्क: महाराष्ट्र से एक चौंकाने और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने कथित तौर पर अपने नपुंसक बेटे की शादी धोखे से करा दी। शादी के बाद जब सच्चाई सामने आई, तो पीड़िता के साथ न केवल मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की गई, बल्कि उस पर 15 लाख रुपये दहेज लाने का दबाव बनाया गया और उसके सोने-चांदी के गहने भी छीन लिए गए।


पीड़िता का आरोप है कि शादी से पहले ससुराल पक्ष ने युवक की स्वास्थ्य संबंधी सच्चाई छिपाई। विवाह के कुछ समय बाद जब पति से दांपत्य संबंध स्थापित नहीं हो पाए, तब उसे पति की नपुंसकता की जानकारी मिली। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया और अपने मायके वालों को जानकारी दी, तो ससुराल पक्ष आग-बबूला हो गया।
महिला का कहना है कि इसके बाद उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। ससुराल वालों ने उस पर मायके से 15 लाख रुपये नकद लाने का दबाव बनाया। मांग पूरी न होने पर उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और अपमानजनक व्यवहार किया गया। आरोप है कि इसी दौरान उसके कीमती गहने भी जबरन छीन लिए गए।
काफी समय तक चुप रहने के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दहेज प्रताड़ना, धोखाधड़ी और घरेलू हिंसा से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पति, सास-ससुर और अन्य परिजनों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मेडिकल व अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि शादी से पहले जानबूझकर स्वास्थ्य संबंधी तथ्य छिपाए गए थे या नहीं।
इस घटना के सामने आने के बाद सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि ऐसे मामले न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि महिलाओं के साथ गंभीर अन्याय भी हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा और महिलाओं के शोषण की भयावह सच्चाई को उजागर करता है।