
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोनीपत के मुरथल स्थित बाबा नागे वाला धाम पहुंचे, जहां उन्होंने मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और आठमान भंडारे में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में नाथ संप्रदाय के संतों, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, और योगी आदित्यनाथ के संबोधन से पूरा मंच जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत योगी आदित्यनाथ ने संतों के नाम लेकर जयकारों से की।
उन्होंने कहा कि गुलामी और विदेशी ताकतों को पीछे छोड़ते हुए हम विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं। भारत का हित होगा तो सनातन धर्म मजबूत होगा, कहा कि ये दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। राजनीति भी ऐसे लोगों के हाथों में होनी चाहिए जो भारत को मजबूत बनाएं। योगी आदित्यनाथ ने पिछले 11 वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए राम मंदिर निर्माण को याद किया।
योगी ने नशे को युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया और कहा कि नशे और समाज की कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाना चाहिए। दुश्मन अब सेना से नहीं, पीछे से नशे के जरिए युवाओं को निशाना बना रहे हैं। जिस देश की युवा पीढ़ी नशे में डूबेगी, उसका कोई भविष्य नहीं। नशे को पहले रोका जाएगा। यह पीढ़ियों को खत्म करने का काम करता है। सीमाओं के पार से आने वाले नशे और उसके सप्लायर्स को पुलिस को सूचित करें।
उन्होंने धर्मांतरण और लव जिहाद पर सख्ती की बात की। कहा कि केरल हाई कोर्ट ने भी लव जिहाद को इस्लामिक राज्य बनाने की साजिश बताया था। इसे रोकने के लिए सनातन धर्म को मजबूत करना होगा। धर्म उपासना होनी चाहिए, लेकिन थोपा नहीं जा सकता। हरियाणा की धरती से कृष्ण भगवान ने गीता का उपदेश दिया, अच्छे कर्म करने चाहिए।
योगी ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि देव तुल्य नदियों को खराब करने का अधिकार किसी को नहीं। तालाबों का संरक्षण, नदियों को पुनर्जीवित करना हमारा काम है। हरियाणा में सरस्वती नदी को जीवित करने का काम किया गया।”अंत में उन्होंने अयोध्या में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के दर्शन का जिक्र किया और कहा कि हर मंदिर को धाम में बदलने का दायित्व हमारा है। जो भी विकृति सनातन धर्म को खराब करेगी, उसे मोर्चा खोलकर बाहर किया जाएगा। शताब्दी महोत्सव का आयोजन हमारा लक्ष्य है, सभी रूपों से विकसित भारत बनेगा।