मुंबई के मुंब्रा इलाके में AIMIM की एक पार्षद के बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलचल मचा दी है। पार्षद ने हाल ही में कहा कि वह मुंब्रा को “हरे कलर में रंगने” की योजना बना रही हैं। इस बयान के बाद स्थानीय राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों में खासी नाराजगी देखी गई है।

स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों ने पार्षद के बयान को समुदाय और शहर की भावनाओं के खिलाफ बताया है। सोशल मीडिया पर भी यह बयान तेजी से वायरल हुआ और कई लोगों ने इसे विवादित और провोकिंग करार दिया। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी स्थानीय चुनावों से जोड़कर भी देख रहे हैं, क्योंकि ऐसे बयान समाज में ध्रुवीकरण की स्थिति पैदा कर सकते हैं।
AIMIM के वरिष्ठ नेता और पार्षद ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी को आहत करना नहीं है, बल्कि यह शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों को सजाने और साफ-सफाई के साथ जोड़ने का प्रयास है। हालांकि विपक्षी दल इसे समुदाय विशेष के पक्ष में भेदभावपूर्ण कदम मान रहे हैं।
मुंब्रा क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि शहर में विकास और साफ-सफाई के मुद्दे पहले प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी। प्रशासन ने भी चेतावनी दी है कि यदि किसी तरह की सामाजिक अशांति पैदा होती है तो कार्रवाई की जाएगी।
इस विवाद ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि स्थानीय राजनीतिक बयान अक्सर बड़ी बहस और प्रतिक्रियाओं को जन्म दे सकते हैं, खासकर जब शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं का सवाल हो।