उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। युवराज पिछले चार साल से गुरुग्राम की नामी कंपनियों में काम कर रहे थे और आईटी सेक्टर में एक सफल करियर बना चुके थे। हाल ही में सामने आए मामले के बाद उनके दोस्तों और करीबियों ने युवराज की जिंदगी से जुड़े कई ऐसे पहलुओं का खुलासा किया है, जो अब जांच का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं।
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दोस्तों के मुताबिक युवराज पढ़ाई में तेज और तकनीकी रूप से काफी मजबूत थे। गुरुग्राम में नौकरी के दौरान उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया और अच्छी सैलरी भी पा रहे थे। हालांकि, बीते कुछ महीनों से वह मानसिक तनाव में नजर आ रहे थे। दोस्तों ने बताया कि ऑफिस का वर्क प्रेशर, लंबे वर्किंग ऑवर्स और निजी जीवन से जुड़े कुछ मसलों को लेकर वह परेशान रहते थे, लेकिन इसे कभी खुलकर जाहिर नहीं करते थे।
करीबी दोस्तों का कहना है कि युवराज स्वभाव से शांत थे और ज्यादा लोगों से अपनी बातें साझा नहीं करते थे। कई बार उन्होंने यह जरूर कहा था कि कॉरपोरेट लाइफ में कंपीटीशन और टारगेट का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दोस्तों ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में युवराज अपने भविष्य को लेकर असमंजस में थे और नौकरी बदलने या घर लौटने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे थे।
पुलिस और जांच एजेंसियां अब युवराज के मोबाइल फोन, लैपटॉप और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही हैं। साथ ही उनके सहकर्मियों और दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किन हालातों में यह मामला सामने आया। परिवार का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
यह मामला एक बार फिर आईटी सेक्टर में काम कर रहे युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य, काम के दबाव और कॉरपोरेट कल्चर पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से सबक लेते हुए कंपनियों को कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।