महाराष्ट्र के बीड़ जिले के कैज इलाके से सोमवार एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर आई है, जहां एक 15 वर्षीय नौवीं क्लास का छात्र ने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार लड़के की मां ने उसे बाहर खेलने से मना किया था, जिससे नाराज़ होकर उसने यह कदम उठाया। घटना स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 10 बजे की है।

पुलिस के मुताबिक उस दिन लड़के का एक दोस्त उसके घर आया और उसे बाहर खेलने के लिए बुलाया, लेकिन उसकी मां ने तेज धूप और गर्मी का हवाला देते हुए उसे घर के भीतर ही रहने और बाद में खेलने के लिए कहा। इस बात से तनाव में लड़का अपने माता-पिता के कमरे में गया और अंदर से दरवाज़ा बंद कर छत के पंखे से लटककर आत्महत्या कर लिया। जब उसकी मां ने बाद में कमरे का दरवाज़ा बंद देखा, तो उसने शोर मचाया और पड़ोसियों की मदद से दरवाज़ा तोड़वाया, लेकिन तब तक लड़का गंभीर रूप से घायल हो चुका था।
पुलिस ने लड़के का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। यह त्रासदी पारिवारिक तनाव, किशोर मनोविज्ञान और स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि किशोरों में भावनात्मक अस्थिरता और दबाव की स्थिति में समर्थन की कमी ऐसे कदमों की एक बड़ी वजह हो सकती है, जिस पर समाज और परिवारों को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।



