उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल के मास्टरमाइंड शारिक साटा के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार पुलिस ने नवंबर 2024 में हुई हिंसा के आरोपियों में शामिल शारिक साटा की संपत्ति को अटैच कर लिया। इसके पीछे शारिक साटा के खिलाफ दर्ज तीन रिपोर्टें धारा 209 बीएनएस के तहत मौजूद थीं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शारिक साटा को लंबे समय से मामले में संलिप्त मानकर निगरानी में रखा गया था। कोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट आदेश दिए थे कि हिंसा में शामिल आरोपी की संपत्ति को अटैच किया जाए ताकि भविष्य में न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिले। इसके तहत शारिक साटा की संपत्ति सरकारी कब्जे में ले ली गई है और संबंधित दस्तावेजों की जांच भी जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले सामाजिक शांति और कानून व्यवस्था दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण होते हैं। स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की हिंसा या उकसावे में शामिल व्यक्ति के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। यह कदम संभल में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी तरह की हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में उठाया गया है।