मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि लोगों की जान से जुड़े इतने गंभीर मामले में सरकार को पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण सैकड़ों लोग बीमार पड़े हैं, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए।

राहुल गांधी ने इंदौर दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि साफ पानी हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है, लेकिन सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। दूषित पानी पीने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सेहत पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है, जो बेहद चिंताजनक है।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि प्रभावित लोगों को तुरंत मुआवजा दिया जाए और जिन अधिकारियों की लापरवाही से यह स्थिति बनी है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ जांच के आदेश देना काफी नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार दिखना चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा था, जिसकी शिकायत बार-बार की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई इलाकों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है, मगर वह भी पर्याप्त नहीं है।
प्रशासन ने दावा किया है कि पानी की जांच कराई जा रही है और जल्द समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार मामले की गंभीरता को छिपाने की कोशिश कर रही है। इस मुद्दे पर अब राजनीति तेज हो गई है और आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है।