पंजाब के बरनाला में गांव ठीकरीवाला में शहीद सेवा सिंह ठीकरीवाला की 92वीं वार्षिक बरसी समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 18 जनवरी को यह बड़ा कार्यक्रम होगा।

बरनाला जिले के गांव ठीकरीवाला में शहीद सेवा सिंह ठीकरीवाला की 92वीं वार्षिक बरसी समारोह 18 जनवरी से आयोजित की जाएगी। समारोह का उद्घाटन नगर कीर्तन से होगा। दूसरे दिन सत्ताधारी आम आदमी पार्टी से जुड़े नेता शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे जबकि 20 जनवरी को कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), भाजपा और किसान संगठनों के नेता कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धांजलि देंगे। आयोजकों ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
शहीद सेवा सिंह ठीकरीवाला का जन्म 24 अगस्त 1886 को इसी गांव में हुआ था। उन्होंने पटियाला रियासत में प्रजा मंडल आंदोलन की स्थापना की और अंग्रेजों तथा रियासती अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई। उनके संघर्ष के कारण उन्हें गिरफ्तार कर जद्दी गांव से पटियाला लाया गया। जेल में उन्होंने अमानवीय व्यवहार और अत्याचार के विरोध में भूख हड़ताल शुरू की। 64 दिनों की भूख हड़ताल के बाद उनकी मृत्यु 19-20 जनवरी 1935 की रात हुई।
ये वादे अभी अधूरे
सरकार ने कई वादे पूरे किए, नर्सिंग कॉलेज का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ। वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्कूल को अपग्रेड कर नर्सिंग कॉलेज बनाने की घोषणा की थी। तीन साल बीतने के बावजूद न तो निर्माण शुरू हुआ और न ही नींव पत्थर रखा गया। जमीन आज भी गंदगी और उजाड़ स्थिति में है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगसीर सिंह ने कहा कि बाकी वादे पूरे हुए हैं, जैसे स्मारक निर्माण और सड़क चौड़ीकरण, लेकिन नर्सिंग कॉलेज अधूरा है। गांववासियों गुरप्रीत सिंह और सरबजीत सिंह ने कहा कि अस्पताल अपग्रेड करने की बजाय आम आदमी क्लीनिक बनाकर छोड़ दिया गया। यह बरसी समारोह न केवल शहीद की याद दिलाएगा, बल्कि ग्रामीणों की मांगों और अधूरे वादों की ओर भी ध्यान आकर्षित करेगा।
सरकार ने ग्रामीणों के साथ वादा खिलाफी की
वहीं गांव के गुरप्रीत सिंह और सरबजीत सिंह ने कहा कि गांव में पहले 25 बेड का अस्पताल था, जिसे सरकार ने बदलकर आम आदमी क्लीनिक बना दिया। अस्पताल को अपग्रेड करने के बजाय एक छोटा क्लीनिक बनाकर छोड़ दिया गया। इसी तरह नर्सिंग कॉलेज की घोषणा तो हुई, लेकिन अब तक उस पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने इसे सरकार द्वारा ग्रामीणों के साथ वादा खिलाफी करार दिया।