उत्तर प्रदेश के प्रमुख माघ मेले को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात सुगमता के लिए कड़े कदम उठाए हैं। मौनी अमावस्या की रात 12 बजे से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न मार्गों के लिए रूट डायवर्जन प्लान भी जारी किया गया है, ताकि मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

प्रशासन ने बताया कि भारी वाहन, ट्रक और कमर्शियल वाहनों को मेले के प्रभावित क्षेत्रों से अलग रूट से भेजा जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने विभिन्न चौराहों पर बैरिकेडिंग और डायवर्जन साइन लगाई हैं। शहर में आने-जाने वाले आम वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे निर्देशित रूट का पालन करें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पार्किंग न करें।
माघ मेले में देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और सुरक्षा एवं सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों ने कहा कि रूट डायवर्जन के साथ-साथ पुलिस बल, एनडीआरएफ और स्थानीय कर्मचारियों की ड्यूटी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
श्रद्धालुओं और नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे धैर्य रखें और पुलिस व प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रतिबंध केवल सुरक्षा और सुविधा के लिए है, ताकि मौनी अमावस्या पर मेले का आयोजन सफलतापूर्वक और सुरक्षित तरीके से हो सके।