बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के अवसर पर केंद्रित संवाद में कहा कि समाज के ब्राह्मण वर्ग को केवल सांकेतिक सम्मान या “चोखा-बाटी” जैसी चीजें नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें असली सम्मान और विकास के अवसर चाहिए। मायावती ने यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश में समाजिक न्याय और सभी वर्गों के समान अवसर पर जोर देने के सिलसिले में की।

जन्मदिन के मौके पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा। तकनीकी दिक्कत के चलते मायावती अपनी बात पूरी नहीं कर पाईं, लेकिन उपस्थित कार्यकर्ताओं और मीडिया कर्मियों के साथ उन्होंने संवाद जारी रखा।
मायावती ने कहा कि ब्राह्मण समाज समेत सभी समुदायों को सिर्फ दिखावटी सम्मान देने के बजाय उनकी शिक्षा, रोजगार और सामाजिक स्थिति को मजबूत करना आवश्यक है। उनका कहना था कि विकास और न्याय के बिना सम्मान का कोई मूल्य नहीं।
कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मायावती को उनके योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं। जन्मदिन के मौके पर उनके समर्थकों ने विशेष पूजा-अर्चना और कार्यक्रम आयोजित कर उनका सम्मान किया। हालांकि शॉर्ट सर्किट के कारण प्रेस कॉन्फ्रेंस पूरी तरह संपन्न नहीं हो पाई, लेकिन मायावती की टिप्पणियां सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।