अग्रवाल सभा की चुनाव प्रक्रिया रद्द, मतदाता सूची में मिलीं खामियां

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Election process of Agrawal Sabha cancelled, flaws found in voter list

अंबाला। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य महानिदेशक एवं सोसायटियों के रजिस्ट्रार जनरल ने अग्रवाल सभा अंबाला छावनी के चुनाव मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।

रजिस्ट्रार जनरल डॉ. यश गर्ग ने 14 अक्तूबर 2025 को स्टेट रजिस्ट्रार द्वारा जारी उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत विवादित कॉलेजियम सूची (मतदाता सूची) को मंजूरी दी गई थी। अब पूरी चुनाव प्रक्रिया नए सिरे से होगी।

सभा में प्रशासक लगाने व प्रशासक को निर्देश दिया गया है कि वे एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पूरी जांच के बाद नई मतदाता सूची तैयार करेंगे। जिला रजिस्ट्रार को अब खुद हर नाम का उचित सत्यापन करना होगा। यह पूरी प्रक्रिया और नए चुनाव का आयोजन अगले 6 महीने के भीतर संपन्न करना होगा। जब तक नई सूची को मंजूरी नहीं मिलती, तब तक चुनाव का नया शेड्यूल जारी नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद अब 4 जनवरी को होने वाले मतदान पर पूरी तरह रोक लग गई है।

मृतक और फर्जी नामों से भरी थी सूची : अधिवक्ता रोहित जैन ने बताया कि अपीलकर्ता उमेश गुप्ता ने विभाग के समक्ष दलील दी थी कि चुनाव के लिए तैयार की गई मतदाता सूची में भारी अनियमितताएं हैं। शिकायत में बताया गया था कि सूची में 42 ऐसे व्यक्तियों के नाम शामिल थे जिनकी मृत्यु हो चुकी है, इसके अलावा एक ही पते पर कई-कई वोट दिखाए गए थे और कई प्रविष्टियां फर्जी पाई गईं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए थे।

अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल : रजिस्ट्रार जनरल ने अपने आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि जिला रजिस्ट्रार और स्टेट रजिस्ट्रार ने बिना किसी गहन जांच या सत्यापन के मैकेनिकल तरीके से सूची को मंजूरी दे दी। आदेश में स्पष्ट किया गया कि 1,460 सदस्यों वाली सभा की सूची को महज 5 सदस्यों वाली कमेटी ने बिना कोरम पूरा किए और बिना किसी सार्वजनिक सूचना के पास कर दिया था, जो नियमों के विरुद्ध है।

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Author: admln