महाराष्ट्र में होने वाले निकाय चुनावों से पहले महाविकास आघाड़ी (एमवीए) को बड़ी राजनीतिक राहत मिली है। स्वाभिमानी शेतकरी संगठन (स्वाभिमानी पार्टी) ने आधिकारिक तौर पर एमवीए को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले से कई सीटों पर एमवीए की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्वाभिमानी पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह समर्थन किसानों, आम जनता और स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि महंगाई, बेरोजगारी, किसान समस्याएं और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों पर एमवीए की नीतियों से सहमति के चलते यह निर्णय लिया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक स्वाभिमानी पार्टी का प्रभाव खासकर पश्चिमी महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में माना जाता है, जहां उसका समर्थन चुनावी गणित बदल सकता है। वहीं एमवीए नेताओं ने इस समर्थन का स्वागत करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित की राजनीति की जीत बताया है।
निकाय चुनावों के मद्देनजर इस नए गठबंधन से मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है। आने वाले दिनों में अन्य छोटे दलों और संगठनों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।