खुदागंज। सात सितंबर को गांव से बहला-फुसलाकर अपहृत की गई किशोरी को पुलिस ने चार दिन पहले बरामद कर लिया है। हालांकि, मुख्य आरोपी रामू अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

किशोरी के पिता ने थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि रामू को भगाने में उसका बहनोई और मामा भी शामिल थे। साथ ही यह भी बताया कि बेटी घर से जाते समय 50 हजार रुपये भी ले गई थी।
पुलिस जांच में आरोप खारिज
पुलिस ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। लेकिन जांच में सहयोगी होने के पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उन्हें आरोपमुक्त कर दिया गया। अब पुलिस केवल मुख्य आरोपी रामू की तलाश कर रही है।
किशोरी वन स्टॉप सेंटर भेजी गई
अधिकारियों के अनुसार, किशोरी के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए जाने हैं। इसलिए उसे परिजनों की सुपुर्दगी में देने के बजाय फिलहाल वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है।