अर्शदीप ने अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच 223 दिन पहले यानी 31 जनवरी को खेला था। इसके बाद उन्होंने केवल दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ जोन की ओर से खेलते हुए मैदान पर वापसी की थी, लेकिन वहां भी वे खास असरदार नहीं दिखे। अर्शदीप फिलहाल भारत के सबसे सफल टी20 गेंदबाजों में शुमार हैं और 63 मैचों में 99 विकेट झटक चुके हैं।
एशिया कप 2025 में भारतीय टीम ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को हराकर जीत के साथ आगाज किया है। गुरुवार को दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम पर खेले गए इस मुकाबले में सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व वाली टीम ने यूएई को महज 27 गेंदों के भीतर नौ विकेट से हराकर मौजूदा टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की। अब टीम की नजर रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले पर है। इस मुकाबले से पहले एक सवाल जो हर भारतीय प्रशंसक के मन में कौंध रहा है, वो अर्शदीप सिंह की अनदेखी है। हर कोई जानना चाहता है कि तेज गेंदबाज को प्लेइंग 11 में मौका क्यों नहीं मिल रहा।

जनवरी में खेला था पिछला टी20 मैच
अर्शदीप ने अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच 223 दिन पहले यानी 31 जनवरी को खेला था। इसके बाद उन्होंने केवल दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ जोन की ओर से खेलते हुए मैदान पर वापसी की थी, लेकिन वहां भी वे खास असरदार नहीं दिखे। अर्शदीप फिलहाल भारत के सबसे सफल टी20 गेंदबाजों में शुमार हैं और 63 मैचों में 99 विकेट झटक चुके हैं। सिर्फ एक विकेट उन्हें इस प्रारूप में 100 विकेट पूरे करने वाला सबसे तेज भारतीय गेंदबाज बना सकता है। इसके बावजूद एशिया कप के पहले मैच में उनकी जगह टीम ने तीसरे स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को खिलाने का फैसला किया।
अर्शदीप ने अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच 223 दिन पहले यानी 31 जनवरी को खेला था। इसके बाद उन्होंने केवल दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ जोन की ओर से खेलते हुए मैदान पर वापसी की थी, लेकिन वहां भी वे खास असरदार नहीं दिखे। अर्शदीप फिलहाल भारत के सबसे सफल टी20 गेंदबाजों में शुमार हैं और 63 मैचों में 99 विकेट झटक चुके हैं। सिर्फ एक विकेट उन्हें इस प्रारूप में 100 विकेट पूरे करने वाला सबसे तेज भारतीय गेंदबाज बना सकता है। इसके बावजूद एशिया कप के पहले मैच में उनकी जगह टीम ने तीसरे स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को खिलाने का फैसला किया।

क्यों नहीं मिल रही अर्शदीप को प्लेइंग 11 में जगह?
अर्शदीप को बाहर रखने का कारण स्पष्ट नहीं है कि किसी चोट की वजह से वह प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं या बल्लेबाजी में गहराई उनके लिए मुसीबत बन रही है। मैच से एक दिन पहले नेट्स पर अर्शदीप ने गेंदबाजी करने के बजाय फिटनेस ड्रिल्स और बल्लेबाजी अभ्यास पर ज्यादा ध्यान दिया। उन्होंने स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रू और बॉलिंग कोच मॉर्ने मोर्केल की देखरेख में लगभग एक घंटे तक फिटनेस सत्र किया। हालांकि, टीम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अर्शदीप फिटनेस फ्रीक हैं और उन्होंने हाल ही में एनसीए में ब्रोन्को टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में ज्यादा अटकलें लगाने की जरूरत नहीं है।
अर्शदीप को बाहर रखने का कारण स्पष्ट नहीं है कि किसी चोट की वजह से वह प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं या बल्लेबाजी में गहराई उनके लिए मुसीबत बन रही है। मैच से एक दिन पहले नेट्स पर अर्शदीप ने गेंदबाजी करने के बजाय फिटनेस ड्रिल्स और बल्लेबाजी अभ्यास पर ज्यादा ध्यान दिया। उन्होंने स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रू और बॉलिंग कोच मॉर्ने मोर्केल की देखरेख में लगभग एक घंटे तक फिटनेस सत्र किया। हालांकि, टीम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अर्शदीप फिटनेस फ्रीक हैं और उन्होंने हाल ही में एनसीए में ब्रोन्को टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में ज्यादा अटकलें लगाने की जरूरत नहीं है।

बल्लेबाजी में गहराई के समर्थक हैं कोच गंभीर
कोच गौतम गंभीर की रणनीति पिछले कुछ समय से साफ रही है। उनका मानना है कि टीम में बल्लेबाजी की गहराई आठवें नंबर तक हो और साथ ही तीन विशेषज्ञ स्पिनर मौजूद रहें। इसी कारण अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा जैसे ऑलराउंडरों को तरजीह मिलती है, जबकि वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव की मौजूदगी स्पिन विभाग को मजबूत करती है। चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भी भारत ने चार स्पिनरों के साथ उतरकर न्यूजीलैंड को हराया था। ऐसे में धीमी पिचों पर स्पिनरों को तवज्जो मिलने से अर्शदीप जैसे तेज गेंदबाजों को टीम से बाहर बैठना पड़ सकता है। जसप्रीत बुमराह की वापसी और हार्दिक पंड्या के बतौर ऑलराउंडर गेंदबाजी विकल्प देने के कारण भी अर्शदीप की राह मुश्किल हुई है। पाकिस्तान के खिलाफ अहम मुकाबले में उन्हें मौका मिलेगा या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।
कोच गौतम गंभीर की रणनीति पिछले कुछ समय से साफ रही है। उनका मानना है कि टीम में बल्लेबाजी की गहराई आठवें नंबर तक हो और साथ ही तीन विशेषज्ञ स्पिनर मौजूद रहें। इसी कारण अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा जैसे ऑलराउंडरों को तरजीह मिलती है, जबकि वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव की मौजूदगी स्पिन विभाग को मजबूत करती है। चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भी भारत ने चार स्पिनरों के साथ उतरकर न्यूजीलैंड को हराया था। ऐसे में धीमी पिचों पर स्पिनरों को तवज्जो मिलने से अर्शदीप जैसे तेज गेंदबाजों को टीम से बाहर बैठना पड़ सकता है। जसप्रीत बुमराह की वापसी और हार्दिक पंड्या के बतौर ऑलराउंडर गेंदबाजी विकल्प देने के कारण भी अर्शदीप की राह मुश्किल हुई है। पाकिस्तान के खिलाफ अहम मुकाबले में उन्हें मौका मिलेगा या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।
