Shardiya Navratri 2025: सफाई केवल धूल-मिट्टी हटाने तक सीमित नहीं, बल्कि यह नकारात्मकता, आलस्य और बुरी आदतों से मुक्ति का भी प्रतीक है। आइए जानते हैं नवरात्रि में घर और मन की सफाई के 9 आसान उपाय।

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Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर 2025 से आरंभ हो रही है। नवरात्रि सिर्फ देवी पूजन और व्रत-उपवास का समय नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि और घर की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का भी अवसर है। मान्यता है कि इस दौरान घर और मन दोनों को साफ-सुथरा रखना चाहिए ताकि देवी दुर्गा की कृपा बनी रहे। सफाई केवल धूल-मिट्टी हटाने तक सीमित नहीं, बल्कि यह नकारात्मकता, आलस्य और बुरी आदतों से मुक्ति का भी प्रतीक है। आइए जानते हैं नवरात्रि में घर और मन की सफाई के 9 आसान उपाय।
- घर की गहरी सफाई
नवरात्रि से पहले घर के हर कोने की धूल-मिट्टी और जाले हटाएं। साफ-सुथरा घर मां दुर्गा को आमंत्रित करता है। कोने-कोने से जाले, धूल-मिट्टी को साफ करने के साथ ही गंदे कपड़े और पर्दे आदि को साफ करें।
- मंदिर और पूजा स्थल की सजावट
नवरात्रि में देवी दुर्गा नौ दिनों के लिए अपने भक्तों के घर पर वास करने आती हैं। ऐसे में घर की साज सज्जा जरूर करें। घर के मंदिर को विशेष रूप से साफ करें, वहां ताजे फूल, दीपक और धूप से सकारात्मक ऊर्जा फैलती है।
- रसोई की सफाई
नवरात्रि में सात्विक आहार का महत्व है। इसस दौरान शुद्ध सात्विक भोजन किया जाता है। कुछ लोग तो नौ दिन का उपवास भी रखते हैं। इसलिए किचन को अच्छी तरह साफ करें और बर्तनों में जमी गंदगी दूर करें।
- अनावश्यक वस्तुओं का दान
पुरानी, टूटी या बेकार चीजें घर में न रखें। इन्हें जरूरतमंदों को दान कर दें, इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
- मन की शुद्धि
नवरात्रि के केवल भोजन न करने का व्रत नहीं है, बल्कि गलत विचार का भी त्याग करने का व्रत है। खुद पर संयम रखने का व्रत है। नवरात्रि में मन को ईर्ष्या, क्रोध और नकारात्मक विचारों से मुक्त करें। ध्यान और जप का अभ्यास करें।
- जल और वायु शुद्धि
घर में समय-समय पर कपूर, लौंग या देसी घी का दीपक जलाएं। यह वातावरण को पवित्र करता है।
- कपड़े और अलमारी की सफाई
पुराने और बेकार कपड़ों को हटा दें। अलमारी को व्यवस्थित करने से जीवन में अनुशासन और सादगी आती है।
- रिश्तों की सफाई
पुरानी नाराजगी और मनमुटाव को भूलकर रिश्तों में मिठास लाएं। यह भी मन की सफाई का हिस्सा है।
- आत्मनिरीक्षण
हर दिन कुछ समय खुद के लिए निकालें। आत्मचिंतन करें और जीवन में नई शुरुआत करने का संकल्प लें। नवरात्रि में घर और मन की यह संयुक्त सफाई न केवल देवी दुर्गा को प्रसन्न करती है, बल्कि जीवन को सकारात्मकता, शांति और ऊर्जा से भर देती है।