
मुजफ्फरनगर। बोगस फर्म बनाकर माल की खरीद-फरोख्त किए बिना करीब 10 करोड़ का जीएसटी रिफंड हड़पने वालों के विरुद्ध जांच शुरू हो गई है। राज्य वस्तु एवं सेवाकर (एसजीएसटी) की विशेष जांच शाखा (एसआइबी) यूनिट की ओर से मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
खालापार थाने में राज्य वस्तु एवं सेवाकर विभाग के राज्य कर अधिकारी कविंद्र सिंह ने सदर तहसील के गांव वाजिदपुर खुर्द निवासी आशीष सैनी पुत्र मनीष सैनी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। बताया कि आरोपी ने 2024 में शिवा ट्रेडिंग कंपनी के लिए जीएसटी पंजीकरण लिया था। गोदाम एवं कंपनी का कार्य 877/08 अजमतनगर, थाना खालापार में एक किराए के मकान पर दिखाया गया। पंजीकरण में नगर पालिका के टैक्स की रसीद, किरायानामा लगाया गया। आरोपी ने सिंह ट्रेडर्स, एजे मैन पावर सर्विस, मधु एंरप्राइजेज, कुमार सर्विस, सपना ट्रेडर्स, बालाजी एंटरप्राइजेज और पीके एंरप्राइजेज से खरीदारी दिखाई। इनमें एक भी फर्म की मौके पर व्यापारिक गतिविधियां नहीं मिली। अवैध रूप से वित्तीय वर्ष 2024-25 में क्लेम्ड इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) 6.79 करोड़ रुपये हड़पा गया।
वहीं, नई मंडी थाने में एसआइबी के उपायुक्त मनोज कुमार शुक्ल ने रैदासपुरी के सलमान पुत्र मोहम्मद दिलशाद के विरुद्ध सर्वश्री क्लीन इंडिया नाम से बोगस फर्म बनाकर आइटीसी हड़पने के लिए फर्जी कारोबार दिखाया गया। मौके पर माल नहीं मिला था, लेकिन ई-वेबिल बनाकर आईटीसी पासऑन किया गया। आरोपी ने लगभग 2.80 करोड़ रुपये की जीएसटी हड़प रखी है। इन सभी मामलों की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसजीएसटी की एसआइबी के उपायुक्त मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि उनकी ओर से विवेचना कर रही पुलिस को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं।