
लखनऊ। साइबर जालसाजों ने खुद को जम्मू कश्मीर पुलिस का अधिकारी बताकर एसजीपीजीआई में प्रशासनिक विभाग से सेवानिवृत्त दिनेश प्रकाश प्रधान को पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। फिर उन्हें डरा-धमकाकर 50 लाख रुपये वसूल लिए। दिनेश की पत्नी रश्मि ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
साइबर जालसाज ने कहा कि तुम किसी को पूछताछ के बारे न बता सको, इसलिए हमारे लोग तुम्हारे पीछे लगे हुए हैं। अगर जरा भी होशियारी की तो तुम्हारे बच्चे की हत्या कर देंगे। दिनेश को डरा देखकर आरोपी ने उन्हें जाल में फंसाना शुरू कर दिया। उनके दूसरे मोबाइल पर भी वीडियो कॉल की। फिर पांच दिन तक दिनेश को डिजिल अरेस्ट रखा। 22 अगस्त को ठग ने कहा कि गिरफ्तारी से बचना चाहते हो तो रकम देनी पड़ेगी। खुद को बचाने के लिए दिनेश ने 50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक आईटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है। पीड़ित ने जिन खातों में रकम ट्रांसफर की है और जिन नंबरों का वारदात में इस्तेमाल हुआ है, उनका ब्योरा निकाला जा रहा है।
आपके पास अनजान नंबर से कॉल आए तो सावधान हो जाएं। फोन करने वाला शख्स यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल बुक है। कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कर कार्रवाई की जा रही है…तो सतर्क हो जाएं और तुरंत पुलिस से शिकायत करें।