Lucknow News: बुजुर्ग को पांच दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, 50 लाख वसूले

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29 lakh extorted from elderly woman by keeping her digital arrest for 5  days मुंबई से दिल्ली तक पांच दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, बुजुर्ग महिला से साइबर  अपराधियों ने ऐठें 29 लाख;

लखनऊ। साइबर जालसाजों ने खुद को जम्मू कश्मीर पुलिस का अधिकारी बताकर एसजीपीजीआई में प्रशासनिक विभाग से सेवानिवृत्त दिनेश प्रकाश प्रधान को पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। फिर उन्हें डरा-धमकाकर 50 लाख रुपये वसूल लिए। दिनेश की पत्नी रश्मि ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

पीजीआई इलाके के शीतल खेड़ा निवासी रश्मि ने बताया कि उनके पति वर्ष 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे। 18 अगस्त की दोपहर दो बजे दिनेश प्रधान के पास अनजान नंबर से कॉल करने वाली ने कहा कि वह कश्मीर के पहलगांव थाने से इंस्पेक्टर अनिता वर्मा बोल रही है। तुम्हारे आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एचडीएफसी बैंक में खाता खोला गया है। इसमें आतंकवादियों के 70 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए हैं। तुम्हारे खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। यह सुन दिनेश घबरा गए।
जालसाज ने उनके नाम का अरेस्ट वारंट भी व्हाट्सएप पर भेज दिया। ठग ने कहा कि हमारे अधिकारी आपसे पूछताछ करेंगे। इसके बाद उसने कॉल काट दी। रश्मि ने बताया कि कि 2:15 बजे दिनेश के पास व्हाट्सएप से वीडियो कॉल करने वाले ने खुद को जेके पुलिस अधिकारी दीपक शर्मा बताया। वीडियो में उसका चेहरा नहीं दिख रहा था।

जालसाज ने दिनेश से कहा कि तुम्हारे खाते में आतंकवादियों ने 70 करोड़ का दस प्रतिशत 70 लाख रुपये ट्रांसफर किया है। तुम हमारे दिए गए बैंक खाते में 70 लाख वापस करो, एटीएस इसकी जांच करेगी। तुमसे गोपनीय पूछताछ होगी, जिसमें सहयोग देना होगा।
बच्चे की हत्या की दी धमकी

साइबर जालसाज ने कहा कि तुम किसी को पूछताछ के बारे न बता सको, इसलिए हमारे लोग तुम्हारे पीछे लगे हुए हैं। अगर जरा भी होशियारी की तो तुम्हारे बच्चे की हत्या कर देंगे। दिनेश को डरा देखकर आरोपी ने उन्हें जाल में फंसाना शुरू कर दिया। उनके दूसरे मोबाइल पर भी वीडियो कॉल की। फिर पांच दिन तक दिनेश को डिजिल अरेस्ट रखा। 22 अगस्त को ठग ने कहा कि गिरफ्तारी से बचना चाहते हो तो रकम देनी पड़ेगी। खुद को बचाने के लिए दिनेश ने 50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक आईटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है। पीड़ित ने जिन खातों में रकम ट्रांसफर की है और जिन नंबरों का वारदात में इस्तेमाल हुआ है, उनका ब्योरा निकाला जा रहा है।

जानिए, कैसे बचें डिजिटल अरेस्ट से

आपके पास अनजान नंबर से कॉल आए तो सावधान हो जाएं। फोन करने वाला शख्स यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल बुक है। कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कर कार्रवाई की जा रही है…तो सतर्क हो जाएं और तुरंत पुलिस से शिकायत करें।

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