
लखनऊ। फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने वाले मानकनगर थाने के तत्कालीन सिपाही प्रभाकर राय को दोषी ठहराया गया है। भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश अतुल सिंह ने पांच वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
कोर्ट में विशेष लोक अभियोजक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायतकर्ता उदय नारायण ने मानकनगर थाने में केस दर्ज कराया था। एक अगस्त 2011 को उन्होंने नीना जायसवाल से मकान खरीदा था। नीना को उस मकान में रहने के लिए एक माह का समय दिया। इसके बाद भी नीना ने मकान खाली नहीं किया और उनके खिलाफ थाने में शिकायत कर दी।
इस पर पुलिस ने जांच की, जिसमें उदय ने सारे कागजात दिखाए, लेकिन नीना के प्रभाव में आकर तत्कालीन थानाध्यक्ष बृजेश कुमार राय ने उन्हें धमकाया। बैनामे के दो गवाहों को जेल भेज दिया। उदय को जेल भेजने की धमकी देकर पांच लाख रुपये मांगे। बृजेश कुमार राय के कहने पर आरोपी सिपाही प्रभाकर राय कई बार शिकायतकर्ता के घर आया और रकम देने के लिए धमकाया। उदय ने आरोपी को थोड़ा-थोड़ा करके दो लाख रुपये दे दिए, पर इसका वीडियो भी बना लिया था।