
हसनपुर। स्मैक तस्करी मामले में पुलिस की जांच जारी है। हाल में दो पुलिसकर्मियों सहित छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस अब गिरोह के सरगना नितिन व मयंक यादव की तलाश कर रही है। यह गिरोह जिस जगह से स्मैक मंगाता था, पुलिस उस स्थान का पता लगाने की कोशिश कर रही है। प्रथम दृष्टतया सामने आया है कि ड्रग्स बरेली की दिशा से मंगाई जा रही थी।
जांच का एक और महत्वपूर्ण पहलू, मयंक यादव और नितिन नामक व्यक्ति तक पहुंचना है। पुलिस का फर्जी छापा डलवाकर मयंक यादव नाम के व्यक्ति से ही 40 लाख की स्मैक बरामद की गई थी। हालांकि मयंक, उसका साथी नितिन और दो अन्य लोग मौके से भाग गए थे। पुलिस मामले की तह तक जाकर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रही है। सूत्रों की मानें तो कॉल डिटेल से पता चला कि यह स्मैक बरेली से लाई गई थी। उधर, दोनों सिपाही निलंबित कर दिए गए हैं।
रविवार को एएसपी अखिलेश भदौरिया ने इस मामले का खुलासा किया था। जिसमें बताया गया था कि उझारी-ढबारसी रोड पर गंगा एक्सप्रेस-वे पुल के नीचे चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक वैगनआर कार को रोका था। कार में सवार छह व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया।
इनमें दो पुलिसकर्मी सिपाही योगेश कुमार और सिपाही आशु सैनी थे इसके अलावा आदमपुर के गांव सांथलपुर निवासी गौरव कुमार, आदमपुर के गांव गारबपुर उर्फ रूस्तमपुर निवासी नाजिम, रहरा के गांव फूलपुर निवासी आदिल और एक नाबालिग शामिल थे, दोनों सिपाही आदमपुर थाना क्षेत्र की ढबारसी पुलिस चौकी में तैनात थे।
पुलिस के मुताबिक मयंक यादव नाम के व्यक्ति पर बड़ी मात्रा में स्मैक थी। जिसे आरोपियों ने पुलिसकर्मी योगेश और आशु सैनी की मदद से 19 जुलाई को फर्जी छापा डलवाकर 40 लाख की स्मैक अपने कब्जे में कर ली थी।