![]()
गजरौला। भतीजे का मुंडन संस्कार कराने के दौरान 27 अगस्त को गंगा में डूबे तीनों भाइयों के शव मिल गए। तीनों के शव ढांग किनारे फूल जाने के कारण पानी पर उतरा रहे थे। इस बीच ओमकार और बंटी के शव तो बाहर निकाल लिए गए। वहीं, अनुज का शव निकालते समय तेज धार में बह गया। उसे खोजने के लिए गोताखोर लगाए। सूचना पर पुलिस ने लेखपाल के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। फुफेरे भाई ने दोनों के शव की शिनाख्त की। सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
अमरोहा के दानिशमंदान मोहल्ला निवासी तीनों भाई अनुज, ओमकार व बंटी बुधवार (27 अगस्त) को तिगरी गंगा में डूब गए थे। तीनों परिवार के साथ भतीजे विनायक का मुंडन संस्कार कराने आए थे। एसडीआरएफ, पीएसी जवान व स्थानीय गाेताखोर तीनों को गंगा में खोज रहे थे। निराश परिजन सोमवार दोपहर बाद घर लौट गए। उधर, सोमवार शाम करीब सात बजे स्नान घाट के आसपास के लोगों ने किनारे के पास तीनों भाइयों के शव पानी में उतराते देखे। जिस पर उन्होंने शोर मचा दिया। पुलिसकर्मी व गोताखोर उनको पकड़ने के लिए दौड़ पड़े।
पुलिस ने गोताखारों की मदद से दो शव बाहर निकाल लिए जबकि तीसरा तेज बहाव में बह गया। जानकारी होने पर तिगरी के ग्रामीण इकट्ठा हो गए। दोनों की पहचान तिगरी निवासी हरि सिंह ने ओमकार व बंटी के रूप में की। हरि सिंह तीनों भाइयों का फुफेरा भाई है। सूचना पर इंस्पेक्टर मनोज कुमार पुलिस के साथ तिगरी में पहुंच गए। लेखपाल भी पहुंच गया। सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंचे। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
जहां डूबे, वहीं पानी में उतराते मिले तीनों के शव
छह दिन पूर्व तीनों भाई जहां पर डूबे, उसके पास ही उनके शव मिल गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि डूबने के बाद उनके शव गंगा किनारे तारों के जाल में उलझ गए थे। सोमवार शाम पानी बढ़ने और कुछ कटान किए जाने के कारण उनके शव जाल से बाहर आ गए और पानी में उतराने लगे। तहसीलदार मूसाराम ने बताया कि दो भाइयों के शव मिल गए हैं। पुलिस उनको पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है। राजस्व टीम द्वारा आर्थिक मदद के लिए रिपोर्ट तैयार की जाएगी।