नई दिल्ली। जासूसी के शक में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा की अधूरी जांच के आधार पर डिफॉल्ट बेल याचिका पर सोमवार को सिविल जज सुनील कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया और इसे मंगलवार को सुनाए जाने की घोषणा की। अदालत ने निर्देश दिया है कि ज्योति मल्होत्रा को मंगलवार को व्यक्तिगत रूप से पेश किया जाएगा।

पुलिस ने जानकारी साझा करने से किया इनकार
पुलिस की ओर से दाखिल एप्लीकेशन में मांग की गई कि
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ज्योति की चार्जशीट से जुड़े कुछ संवेदनशील दस्तावेज आरोपी पक्ष को न दिए जाएं।
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इसमें पंचकूला लैब से मिला डेटा और सील चैट का हिस्सा शामिल है।
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पुलिस का तर्क था कि जांच अधूरी है और संवेदनशील जानकारी साझा करने से जांच प्रभावित हो सकती है।
डिफॉल्ट बेल पर वकील का तर्क
ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने इसका विरोध करते हुए कहा कि पुलिस ने 14 अगस्त को चालान पेश किया और 11 दिन बाद 25 अगस्त को एप्लीकेशन दाखिल कर कहा कि पूरी चार्जशीट उपलब्ध नहीं कराई जा सकती। वकील ने तर्क दिया कि:
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भारतीय न्याय संहिता 193 की धारा 7 के अनुसार पूरा चालान देना अनिवार्य है।
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ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का हवाला देकर पुलिस दस्तावेज देने से इनकार नहीं कर सकती।
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आरोपी पक्ष को दोनों चालानों की प्रति मिलनी चाहिए, ताकि वे अपना बचाव सही तरीके से कर सकें।