- हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने विस्तृत अध्ययन के माध्यम से कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताया है जिससे आप डायबिटीज से बचे रह सकते हैं।
- विशेषज्ञों का दावा है कि अगर कम उम्र से ही कुछ उपायों पर ध्यान दे लिया जाए तो आप शुगर का मरीज होने के अपने खतरे को 31 फीसदी तक कम कर सकते हैं।

विस्तार
Simple Ways To Prevent Diabetes: डायबिटीज आज के समय में बहुत ही आम लेकिन गंभीर और चुनौतीपूर्ण समस्या बन गई है। कुछ दशकों पहले तक इसके मामले बुजुर्गों में अधिक देखे जाते थे, हालांकि अब कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। गड़बड़ होती लाइफस्टाइल और आहार में खराबी ने इस खतरे को काफी बढ़ा दिया है।
भारत में आज करोड़ों लोग डायबिटीज की चपेट में हैं। यहां हर चौथा व्यक्ति या तो डायबिटिक है या इसके खतरे में है। यह बीमारी अब सिर्फ शहरों में नहीं, गांवों में भी तेजी से बढ़ती रही है। असली दिक्कत यह है कि बहुत से लोगों को पता ही नहीं कि उनका शुगर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। ये बीमारी धीरे-धीरे आती है और आपके दिल, किडनी, आंख और नसों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि डायबिटीज को रोजमर्रा की आदतों में सुधार करके रोका जा सकता है।
इसी को लेकर हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने विस्तृत अध्ययन के माध्यम से कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताया है जिससे आप इस रोग से बचे रह सकते हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि अगर कम उम्र से ही इन उपायों पर ध्यान दे लिया जाए तो आप शुगर का मरीज होने के अपने खतरे को 31 फीसदी तक कम कर सकते हैं।

डायबिटीज से सुरक्षित रहने के लिए विशेषज्ञों ने बताए उपाय
विशेषज्ञों ने बताया, मेडिटेरेनियन डाइट प्लान अपनाने के साथ कैलोरी इनटेक को कम करना, दैनिक रूप से मध्यम स्तरीय शारीरिक गतिविधि और वजन घटाने के लिए पेशेवर मदद लेकर आप टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को 31% तक कम कर सकते हैं।
खान-पान और दिनचर्या में ये छोटे-छोटे बदलाव संपूर्ण स्वास्थ्य सुधार की दिशा में काफी मददगार हो सकते हैं।

क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?
पोषण और महामारी विज्ञान के प्रोफेसर और इस अध्ययन के सह-लेखक फ्रैंक हू कहते हैं, हम डायबिटीज की वैश्विक महामारी का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सभी लोगों के लिए जरूरी हो गया है कि आप कम उम्र से ही इसकी रोकथाम के लिए प्रयास करते रहें।
पहले के शोध में भी मेडिटेरेनियन डाइट को इंसुलिन संवेदनशीलता सुधारने, शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करके टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को घटाने के लिए फायदेमंद माना जाता रहा है। इसमें फलों-सब्जियों, साबुत अनाज और स्वस्थ वसा वाली चीजों के अधिक सेवन, डेयरी और लीन प्रोटीन के मध्यम सेवन और रेड मीट की मात्रा को आहार में बिल्कुल कम करने की सलाह दी जाती रही है।

शोध में क्या पता चला?
स्पेन के 23 विश्वविद्यालयों और हार्वर्ड चैन स्कूल के शोधकर्ताओं ने 4,746 प्रतिभागियों के समूह पर करीब छह वर्षों तक ये अध्ययन किया। प्रतिभागियों की आयु 55 से 75 वर्ष के बीच थी, वे अधिक वजन वाले या मोटापे का शिकार थे और मेटाबोलिक सिंड्रोम की भी समस्या थी। हालांकि शोध की शुरुआत में किसी को भी टाइप-2 डायबिटीज नहीं था।
प्रतिभागियों के एक समूह को मेडिटेरेनियन डाइट के साथ प्रतिदिन लगभग 600 कैलोरी कम सेवन करने, मध्यम शारीरिक गतिविधि जैसे तेज चलने-रनिंग के साथ वजन घटाने के उपाय करने की सलाह दी गई।
अध्ययन में पाया गया कि जिस समूह ने इन उपायों का पालन किया उनमें दूसरे लोगों को तुलना में डायबिटीज का जोखिम 31% कम था। इसके अतिरिक्त इन प्रतिभागियों ने औसतन 3.3 किलोग्राम वजन कम किया और कमर की चौड़ाई में भी 3.6 सेंटीमीटर की कमी आई।

कहीं आपको भी तो नहीं है डायबिटीज का खतरा?
हार्वर्ड चैन स्कूल में पोषण के सहायक प्रोफेसर, मिगुएल मार्टिनेज-गोंजालेज ने कहा, व्यावहारिक रूप से मेडिटेरेनियन डाइट के साथ कैलोरी नियंत्रण और शारीरिक गतिविधि को शामिल करने से हर 100 में से लगभग तीन लोगों को मधुमेह होने से बचाया जा सकता है। आज के समय में ये जरूरत है कि हम डायबिटीज से बचाव करें। चूंकि ये बीमारी सभी उम्र के लोगों में देखी जा रही है इसलिए हमें और भी सतर्क हो जाने की आवश्यकता है।
जिनके परिवार में पहले से किसी को डायबिटीज है, पेट ज्यादा निकल रहा है (भले ही वजन कम हो), जिनका बीएमआई 25 से ऊपर है या फिर जो लोग दिनभर बैठे-बैठे काम करते रहते हैं ऐसे लोगों को डायबिटीज का खतरा अधिक रहता है। अगर पहले से ही सावधानी बरत ली जाए तो इस रोग से बचाव करना इतना भी कठिन नहीं है।
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