कानपुर | मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहायता और उपहार देने की व्यवस्था है, लेकिन कानपुर में 27 कन्याओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका। समाज कल्याण समिति सेवा के सचिव धनीराम पैंथर ने समय से पहले सभी आवेदन ऑनलाइन कराए थे, बावजूद इसके समाज कल्याण विभाग ने सत्यापन नहीं किया।

💔 बिना उपहार लिए ससुराल पहुंचीं बेटियां 11 मई को मोतीझील लॉन में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में कुल 98 कन्याओं की शादी हुई, जिनमें से 27 ने योजना के लिए आवेदन किया था। शादी के दिन मंडप के नीचे सात फेरे तो लिए, लेकिन उपहार और अनुदान के बिना ही ससुराल लौट गईं।
📋 योजना के लाभ का विवरण
- ₹60,000 का चेक कन्या के खाते में
- ₹25,000 की गृहस्थी उपहार सामग्री
- ₹15,000 आयोजन खर्च कुल ₹1,00,000 का लाभ प्रत्येक पात्र जोड़े को मिलना था।
🚫 सत्यापन न होने से अटका लाभ धनीराम पैंथर ने शादी से एक सप्ताह पहले सभी आवेदन ऑनलाइन कर दिए थे। लेकिन विभाग ने न तो सत्यापन किया और न ही फर्म का चयन किया, जिससे उपहार सामग्री की खरीद संभव नहीं हो सकी। विभाग ने जवाब में कहा कि 2025-26 की प्रक्रिया में बदलाव के कारण यह बाधा आई।
📣 डीएम ने लिया संज्ञान, मांगी रिपोर्ट समिति के सचिव ने कई बार विभाग के चक्कर लगाए, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। अंततः उन्होंने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से जनता दर्शन में गुहार लगाई। डीएम ने सीडीओ दीक्षा जैन को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
⚖️ जांच और कार्रवाई की तैयारी समाज कल्याण विभाग से इस मामले में जिओ (जांच आदेश) मांगा गया है। दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई है। साथ ही सुझाव दिया गया है कि यदि समिति चाहे तो आवेदन शादी अनुदान योजना के तहत पुनः प्रस्तुत किए जा सकते हैं।