प्रयागराज | उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। औद्योगिक क्षेत्र के लवायन कुरिया में मंगलवार को 11वीं के छात्र पीयूष उर्फ यश की सिर कटी लाश मिलने के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो जो सच सामने आया वह बेहद भयावह था।

👤 हत्यारोपी दादा गिरफ्तार करेली के सदियापुर निवासी सरन सिंह ने अपने ही पोते की हत्या कर शव के छह टुकड़े कर दिए। पूछताछ में उसने बताया कि उसने पहले ईंट से सिर पर वार किया, फिर कपड़े से मुंह दबाकर जान ली। इसके बाद आरी और चापड़ से सिर, हाथ, पैर और धड़ को अलग-अलग काट दिया।
🧠 अंधविश्वास बना हत्या की वजह सरन सिंह के बेटे और बेटी ने क्रमशः 2023 और 2024 में यमुना पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इन घटनाओं से मानसिक रूप से टूट चुके सरन सिंह ने कौशाम्बी के एक तांत्रिक से संपर्क किया। तांत्रिक ने उसे यकीन दिलाया कि यश की दादी ने जादू-टोना कर उसके परिवार को बर्बाद किया है। इसी अंधविश्वास के चलते उसने अपने पोते की बलि दे दी।
🛣️ शव ठिकाने लगाने का रूट हत्या के बाद आरोपी ने शव के धड़ को पॉलीथिन में भरकर कल्याणी देवी से दरियाबाद, पुराने पुल, अरैल रोड, फूलमंडी होते हुए औद्योगिक क्षेत्र के लवायन कुरिया नाले में फेंक दिया। इस दौरान एक वृद्धा की नजर उस पर पड़ी, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला।
🔍 सीसीटीवी और पूछताछ से खुला राज पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान की। सैदपुर क्षेत्र के बरखंडी महादेव मंदिर रोड पर सरपतों के पास से सरन सिंह को गिरफ्तार किया गया। हत्या में प्रयुक्त आरी और चापड़ भी बरामद कर लिए गए हैं।
🚨 तांत्रिक की तलाश जारी पुलिस ने तांत्रिक को पकड़ने के लिए दो टीमें गठित की हैं। सूत्रों के अनुसार, कौशाम्बी निवासी तांत्रिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
🗣️ समाज के लिए चेतावनी यह मामला न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह अंधविश्वास और मानसिक अस्थिरता के खतरनाक मेल का उदाहरण भी है। पुलिस की तत्परता से आरोपी को पकड़ लिया गया है, लेकिन यह घटना समाज को आत्ममंथन करने पर मजबूर करती है।