US Tariffs: भारत को भारतीय उत्पादों पर अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ से निपटने के लिए एकजुट होने और किसी भी तरह की धौंस-धमकी के सामने डट कर खड़े होने की जरूरत है। मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने गुरुवार को यह बात कही। कंपनी की वार्षिक आम बैठक में भार्गव ने और क्या कहा, आइए जानते हैं।

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भारत को भारतीय उत्पादों पर अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ से निपटने के लिए एकजुट होने और किसी भी तरह की धौंस या धमकी के सामने डट कर खड़े होने की जरूरत है। मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने गुरुवार को यह बात कही।
कंपनी की 44वीं वार्षिक आम बैठक में भार्गव ने कहा, “भारतीय होने के नाते यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी गरिमा और सम्मान को बढ़ावा देने और बनाए रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दें। हम टैरिफ मामले में किसी भी प्रकार की धौंस-धमकी के आगे न झुकें… राष्ट्र को एकजुट होना होगा।”
50% अमेरिकी टैरिफ लागू होने से देश के निर्यात क्षेत्र पर असर
भारत से आने वाले वस्तुओं पर अमेरिका का 50 प्रतिशत टैरिफ बुधवार से प्रभावी हो गया। इससे झींगा, परिधान, हीरे, चमड़ा और जूते, रत्न और आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में निर्यात और रोजगार सृजन पर असर पड़ेगा। भार्गव ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ से वैश्विक स्तर पर बाजारों में उथल-पुथल मच गई है।
उन्होंने कंपनी के शेयरधारकों से कहा, “आप सभी हाल के महीनों में पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितता से वाकिफ हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कई मायनों में देशों को पारंपरिक नीतियों और रिश्तों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है। कूटनीति में टैरिफ का व्यक्तिगत इस्तेमाल पहली बार देखा जा रहा है।” उन्होंने वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) पुनर्गठन की घोषणा को भी एक बड़ा आर्थिक सुधार बताया।
जीएसटी दरों में बदलाव से छोटी कारों की कीमतों में नरमी का अनुमान
भार्गव ने कहा, “हम सभी को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री ने जो प्रस्ताव रखा है, उससे छोटी कारों पर जीएसटी की दर घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगी, लेकिन हमें आधिकारिक घोषणा होने तक इंतजार करना होगा।” उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि सरकार ने यह माना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता ऐसे हैं जो बाजार के निचले स्तर पर हैं।
केंद्र ने जीएसटी दर युक्तिकरण पर मंत्रियों के समूह (जीओएम) को 5 और 18 प्रतिशत की दो स्तरीय जीएसटी संरचना का प्रस्ताव दिया है, इसके अलावा कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर का भी प्रस्ताव दिया है। वर्तमान में जीएसटी 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की दर से लगाया जाता है। खाद्य और आवश्यक वस्तुओं पर शून्य या 5 प्रतिशत कर लगता है, जबकि विलासिता और अवगुण वस्तुओं पर 28 प्रतिशत कर लगता है, जिसके ऊपर उपकर भी लगता है।