- उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले में अमीबिक इंसेफेलाइटिस का एक और नया मामला सामने आया है। यहां एक महिला को मस्तिष्क के इस दुर्लभ संक्रमण का शिकार पाया गया है।
- इससे पहले 16 अगस्त को कोझिकोड जिले में ही संक्रमण के कारण नौ साल की एक बच्ची की मौत हो गई थी।

Brain Eating Amoeba Kerala: केरल इन दिनों एक गंभीर संक्रामक रोग की चपेट में है। यहां अमीबिक इंसेफेलाइटिस रोग के मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी है कि उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले में एक और नया मामला सामने आया है। यहां एक महिला को मस्तिष्क के इस दुर्लभ संक्रमण का शिकार पाया गया है। इससे पहले शनिवार (16 अगस्त) को कोझिकोड जिले में ही अमीबिक इंसेफेलाइटिस संक्रमण के कारण
16 अगस्त को मृत्यु हो गई थी।
उत्तरी केरल के कई हिस्सों में बढ़ते इस खतरनाक रोग को लेकर अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया है। स्थानीय लोगों को बचाव के तरीका का गंभीरता से पालन करते रहने की सलाह दी गई है।

उत्तरी केरल के कई हिस्सों में बढ़ता संक्रमण
गुरुवार को साझा की गई जानकारियों के मुताबिक ज्यादातर मरीज कोझीकोड, वायनाड और मलप्पुरम जिलों के हैं। फ्री-लिबिंग अमीबा के कारण होने वाला अमीबिक इंसेफेलाइटिस एक घातक संक्रमण है, जिसका मृत्युदर काफी अधिक देखा जाता रहा है। गौरतलब है कि केरल में पहले भी इस संक्रमण मामले देखे जाते रहे हैं। इसे ‘ब्रेन ईटिंग अमीबा’ भी कहा जाता है। पिछले साल भी केरल के कई जिलों में इस संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए गए थे।

अमीबिक इंसेफेलाइटिस मस्तिष्क का एक दुर्लभ और घातक संक्रमण है। ये नेगलेरिया फाउलेरी नामक अमीबा के संक्रमण के कारण होने वाली बीमारी है। यह संक्रमण मस्तिष्क के ऊतकों को नष्ट करने लगता है जिससे ज्यादातर मामलों में मस्तिष्क में गंभीर सूजन और मृत्यु हो जाती है। पानी में गोते लगाने वाले लोगों में इसका खतरा अधिक देखा जाता रहा है, संक्रमण की आशंका तब अधिक हो सकती है जब दूषित पानी नाक में प्रवेश कर जाता है।

संक्रमितों को हो सकती हैं मस्तिष्क की गंभीर समस्याएं
‘ब्रेन ईटिंग अमीबा’ जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि ये मस्तिष्क को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। संक्रमितों में शुरुआती लक्षण आमतौर पर फ्लू की तरह होते हैं जिसमें सिरदर्द, बुखार, मतली और उल्टी की दिक्कत हो सकती है। गंभीर स्थिति में गर्दन में अकड़न, भ्रम, दौरे पड़ने, कोमा जैसी मस्तिष्क से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके लक्षण तेजी से विकसित हो सकते हैं और पांच से 18 दिनों के भीतर संक्रमण घातक हो सकता है। मस्तिष्क की सूजन के कारण दौरे पड़ सकते हैं। कुछ संक्रमितों में हेलुसिनेशन और शरीर का संतुलन बनाने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
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