पंजाब पर कुदरत की मार: मान सरकार ने बनाई फ्लड मैनेजमेंट कमेटी, सीएम करेंगे प्रभावित क्षेत्रों का दाैरा

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मूसलाधार बारिश और बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने से पंजाब में हालात बदतर होते जा रहे हैं। हजाराें एकड़ भूमि, फसलें, नदियों के किनारे बसे गांव डूब चुके हैं। सड़कें बह जाने की वजह से कई गांवों का संपर्क कट चुका है। घरों को नुकसान पहुंचा है।

Punjab government formed flood management committee CM bhagwant mann  visit affected areas

पंजाब में भारी बरसात और बाढ़ के संकट के बीच मान सरकार एक्शन में आ गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ प्रबंधन के लिए फ्लड मैनेजमेंट कमेटी बनाई है। जालंधर में फ्लड कंट्रोल रूम पहले ही बनाया गया है।

मंत्री बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुड्डियां और बरिंदर कुमार गोयल पूरे पंजाब में बाढ़ के हालातों पर नजर रखेंगे। कपूरथला के लिए मंत्री मोहिंदर भगत और हरदीप सिंह मुंडिया को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं तरनतारन के लिए लालजीत सिंह भुल्लर और हरभजन सिंह ईटीओ, फाजिल्का के लिए डॉ. बलजीत कौर और तरुणप्रीत सिंह सौंध को इंचार्ज लगाया गया।

वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान आज गुरदासपुर और पठानकोट में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। मान जमीनी स्तर पर चल रहे राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेंगे।

फिरोजपुर में बीएसएफ की दो चेक पोस्ट बाढ़ की चपेट में

फिरोजपुर में सतलुज दरिया में आई बाढ़ के चलते ममदोट में बीएसएफ की चेक पोस्ट ओल्ड गजनी वाला और फिरोजपुर में बीएसएफ की चौकी सतपाल पानी की चपेट में आ गई है। पानी ने इन्हें चारों तरफ से घेर लिया है। आसपास के गांव भी पानी की चपेट में आ गए हैं। लोग वहां से निकाल कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचने लगे हैं। अब बीएसएफ मोटर बोट के जरिए सरहद की चेकिंग में लगी हुई है।

बचाव कार्य में जुटी सेना

बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पठानकोट, होशियारपुर, गुरदासपुर, कपूरथला, तरनतारन, फाजिल्का और फिरोजपुर शामिल हैं। इसके अलावा तरनतारन और अमृतसर में भी हालात खराब होते जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में पौंग बांध और रणजीत सागर बांध का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। हालात बेकाबू होते देख पंजाब पुलिस के साथ सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का भी सहारा लिया गया है।

अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। साथ ही राहत और बचाव कार्य जारी रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को 24 घंटे जमीनी स्तर पर डटे रहने के आदेश दिए गए हैं।

सभी स्कूल 30 तक बंद

बाढ़ के हालात व बारिश के अलर्ट के चलते सभी स्कूलों में चार दिन के लिए बंद रखने का फैसला लिया गया है।राज्य के सभी प्राइमरी, सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 27 अगस्त से 30 अगस्त तक बंद रहेंगे।

पंजाब में बाढ़ के हालात पर आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सभी नेता, विधायक, मंत्री और कार्यकर्ताओं से अपील है कि वे जमीन पर उतरकर लोगों की मदद करें।

पठानकोट में रणजीत सागर डैम से लगातार लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे पठानकोट में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। यूबीडीसी नहर का ओवरफ्लो पानी पठानकोट शहर तक पहुंच गया है। डीसी आदित्य उप्पल के पठानकोट कार्यालय समेत कई कार्यालय पानी में डूब गए हैं। एनडीआरएफ टीमें बचाव कार्य में जुट गई हैं। बॉर्डर क्षेत्र के बाद पठानकोट सिटी का भी पानी से बुरा हाल है।
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Author: NIMRA SALEEM

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