दिल्ली पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का पर्दाफाश किया है। सराय काले खां बस स्टैंड से छह महीने के मासूम का अपहरण कर उसे हरियाणा के फतेहाबाद में 90 हजार रुपये में एक प्राइवेट हॉस्पिटल को बेच दिया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हलवाई समेत अस्पताल संचालक, डॉक्टर और नर्स को हिरासत में ले लिया है। बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया है।
कैसे हुआ अपहरण?
जानकारी के मुताबिक पिनाहट के नया पुरा निवासी वीरभान उर्फ वीरू सिंह दिल्ली के सराय काले खां स्थित एक हलवाई की दुकान पर काम करता था। तीन दिन पहले वह बस स्टैंड पहुंचा और मौका देखकर एक यात्री के छह महीने के बच्चे को उठा लिया। इसके बाद वह सीधे फतेहाबाद पहुंचा और बच्चे को एक निजी अस्पताल में 90 हजार रुपये में बेच दिया।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
बच्चा गायब होने की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की। बस स्टैंड और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर आरोपी की पहचान वीरभान के रूप में हुई। सोमवार देर रात पुलिस टीम ने पिनाहट में दबिश दी और आरोपी को उसकी पत्नी के साथ पकड़ लिया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी के साले और ससुर को भी हिरासत में ले लिया।
अस्पताल से मिला बच्चा
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम फतेहाबाद पहुंची। वहां से अस्पताल संचालक, डॉक्टर और एक नर्स को हिरासत में लिया गया। अस्पताल से बच्चे को सकुशल बरामद कर दिल्ली ले जाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कुल सात लोगों को पकड़ा गया है।
बच्चा चोरी गिरोह से जुड़ाव की पड़ताल
फिलहाल पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या वीरभान किसी बड़े बच्चा चोरी गिरोह से जुड़ा हुआ है या फिर उसने महज पैसों के लालच में यह अपराध किया। गांव में लोग आरोपी की हरकत से हैरान हैं। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा।
डीसीपी ईस्ट जोन अली अब्बास ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जो भी इसमें लिप्त पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।