मुरादाबाद के कांशीराम नगर में गोशाला के नाम पर अवैध रैकेट चलाने वाली पिंकी के ठिकाने से पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। तलाशी के दौरान पुलिस ने एक डायरी बरामद की है, जिसमें 200 से अधिक मोबाइल नंबर और नाम लिखे मिले हैं। इन नंबरों की जांच के बाद कई नए चेहरे और कड़ियां सामने आने की संभावना है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
सूचना मिलने पर मझोला थाना पुलिस ने पिंकी के घर छापा मारा और पूरे मकान की वीडियोग्राफी कर तलाशी ली। डायरी से साफ हुआ कि पिंकी और उसका कथित भाई सचिन आने-जाने वाले लोगों के नंबर दर्ज करते थे और समय-समय पर उनसे संपर्क भी करते थे। पुलिस अब इन मोबाइल नंबरों की तफ्तीश कर रही है, हालांकि कई नंबर बंद पाए गए हैं।
कॉलोनी के लोग भी हैरान
पिंकी और सचिन की गतिविधियों ने मोहल्ले के लोगों को भी चौंका दिया है। घर पर लगातार लड़कियों का आना-जाना था, जिस पर पड़ोसियों ने सवाल उठाए तो पिंकी ने उन्हें धमकाकर चुप करा दिया। वह कहती थी कि उसके मेहमानों को टोकने पर वह मुकदमा दर्ज करवा देगी।
कई जिलों में दबिश
गिरोह के नेटवर्क को खंगालने के लिए पुलिस ने पांच विशेष टीमें बनाई हैं। ये टीमें मुरादाबाद के अलावा संभल, अमरोहा और रामपुर जैसे जिलों में छापेमारी कर रही हैं।
लड़कियों की खरीद-फरोख्त का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि पिंकी और उसके साथी केवल रैकेट ही नहीं चला रहे थे, बल्कि लड़कियों की खरीद-फरोख्त में भी शामिल थे। बीते दो महीनों में उन्होंने दो लड़कियों को बेचा है। इनमें से एक को संभल के रजपुरा क्षेत्र में बेचा गया, जबकि दूसरी लड़की के बारे में पुलिस अभी जानकारी जुटा रही है। संभावना है कि बेची गई लड़कियों की संख्या और भी अधिक हो सकती है।
फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़िताओं को सुरक्षित बरामद करने में लगी हैं।