MP News: फर्जी पुलिस ऑफिसर बनकर युवती को फंसाया और करता रहा शोषण, नकली पिस्टल और फर्जी आईकार्ड के साथ गिरफ्तार

Picture of NANDINI NEWSINDIA

NANDINI NEWSINDIA

SHARE:

police arrested woman who cheating people by posing as fake sub inspector  in sidhi वर्दी में ठगी, बुलेट पर ठाठ; अब मध्य प्रदेश में फर्जी लेडी सब  इंस्पेक्टर अरेस्ट, Madhya-pradesh Hindi News -

रीवा जिले की सेमरिया थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर युवती को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी उत्तराखंड का रहने वाला है और वह सोशल मीडिया पर पुलिस की वर्दी पहनकर तस्वीरें डालता था। पुलिस ने जब उसे दबोचा तो उसके पास से नकली पिस्टल, चाकू और साइबर क्राइम ऑफिसर का फर्जी आई कार्ड बरामद हुआ। पुलिस ने गुप्त रूप से जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

सोशल मीडिया पर पुलिस बनकर फंसाया जाल
सेमरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती ने बताया कि आरोपी से उसकी पहचान करीब दो साल पहले सोशल मीडिया पर हुई थी। युवक ने अपना नाम अनुराग सेन बताया और खुद को साइबर सेल इंडिया का हेड ऑफिसर बताकर विश्वास जीत लिया। उसने वर्दी पहने हुए तस्वीरें साझा कीं और युवती से दोस्ती कर उसे शादी का झांसा दिया। इन दो साल में आरोपी कई बार रीवा आया और मुलाकात के दौरान युवती से गलत संबंध बनाए। जब युवती ने शादी की बात रखी तो आरोपी बार-बार टालता रहा।

युवती की शिकायत पर पुलिस का जाल
कुछ दिन पहले युवती को आरोपी की हरकतों पर शक हुआ तो उसने पूरी बात सेमरिया थाने में बताई। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर योजना बनाई। पीड़िता की मदद से आरोपी को मिलने के लिए बुलाया गया। जैसे ही आरोपी युवती से मिलने पहुंचा, पहले से तैयार पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही दबोच लिया।

आरोपी से बरामद हुआ फर्जी आईकार्ड और नकली पिस्टल
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी का असली नाम अर्जुन कुमार है, जिसकी उम्र 33 साल है और वह उत्तराखंड के देहरादून का निवासी है। उसके पास से नकली पिस्टल (लाइटर वाली), एक चाकू, फर्जी आधार कार्ड और साइबर क्राइम हेड ऑफिसर का आई कार्ड मिला। आरोपी ने पुलिस लोगो लगी बाइक का भी इस्तेमाल किया था जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UK 07 FS 6057 है।

पुलिस की चालाकी से गिरफ्तारी
इस पूरे मामले में पुलिस ने बड़ी रणनीति बनाकर आरोपी को पकड़ा। एसडीओपी उमेश प्रजापति ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की गई और आरोपी को बुलवाकर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपनी असली पहचान उजागर की और फर्जी दस्तावेजों की जानकारी भी दी। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

फर्जी पुलिस बनने वाला आरोपी गिरफ्तार

 

सबसे ज्यादा पड़ गई