![]()
सांप के डंसने से महिला की मौत, दूसरी की हालत नाजुक
बुरावली (अमरोहा)। क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में सांप ने दो महिलाओं को डस लिया। परिजनों ने दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने वालों के पास पहुंचा दिया। सही समय पर उपचार न मिलने से एक महिला ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरी की हालत गंभीर बनी हुई है।
लगातार हो रही सांप डसने की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
सांप के डंसने से महिला की मौत
बुरावली (अमरोहा)। गांव हिरनोटा निवासी किसान ब्रह्मपाल सिंह की पत्नी रुकेश देवी (43) मंगलवार सुबह घर की सफाई कर रही थीं। कूड़ा निकालने के लिए जैसे ही उन्होंने गेहूं की टंकी के नीचे हाथ डाला, एक सांप ने उनके हाथ में डस लिया।
घटना के बाद परिजन घबराए लेकिन रुकेश देवी को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने वालों के पास ले गए। करीब ढाई घंटे तक झाड़फूंक कराया गया, लेकिन उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई और आखिरकार उनकी मौत हो गई।
झाड़फूंक में गई महिला की जान, दूसरी की हालत नाजुक
बुरावली (अमरोहा)। गांव हिरनोटा निवासी किसान ब्रह्मपाल सिंह की पत्नी रुकेश देवी (43) मंगलवार सुबह घर की सफाई कर रही थीं। इस दौरान गेहूं की टंकी के नीचे हाथ डालते ही सांप ने उन्हें डस लिया।
घटना के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने वालों के पास ले गए। करीब ढाई घंटे तक झाड़फूंक कराने के बाद हालत बिगड़ती चली गई। अंततः सुबह करीब 9:15 बजे जब परिजन उन्हें लेकर सीएचसी रहरा पहुंचे, तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सीएचसी प्रभारी डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यदि महिला को समय पर अस्पताल लाया जाता तो उनकी जान बच सकती थी। रुकेश देवी अपने पीछे चार बच्चों (दो बेटे और दो बेटियां) को छोड़ गई हैं।
इसी तरह की एक और घटना सोमवार शाम तरौली गांव में हुई, जहां राकेश की पत्नी गुड्डी को सांप ने डस लिया। परिजन उन्हें भी झाड़फूंक कराने वालों के पास ले गए, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
गांववालों का कहना है कि पिछले 50 दिनों में तरौली में सात लोगों को सांप ने डसा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
तरौली में सांप का आतंक, एक और महिला सर्पदंश से घायल
हसनपुर। गांव तरौली में सांप का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार शाम को एक और महिला को सांप ने डस लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इससे पहले गांव में छह लोगों को सांप डस चुका है, जिनमें से 11 वर्षीय बालक की मौत हो चुकी है। वहीं, तीन पशुओं की भी सर्पदंश से मौत हो चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि सांप अक्सर गांव के तालाब से निकलकर घरों में घुस रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तालाब की सफाई कराने और इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
अब तक सांप के शिकार बने ग्रामीण
-
30 जून: मास्टर जयपाल सिंह के बेटे मोहित कुमार को घर के बाहर रास्ते पर सांप ने पैर में डस लिया।
-
28 जून: गांव निवासी ऋषिपाल सिंह की धेवती सोनी सर्पदंश का शिकार हुई।
-
1 अगस्त: गांव निवासी राजीव की पत्नी राजीन को सांप ने डस लिया।
तरौली में सर्पदंश से दहशत, एक माह में कई लोग और पशु बने शिकार
हसनपुर। गांव तरौली में सांप का आतंक लगातार बढ़ रहा है। पिछले एक महीने में कई लोगों को सांप डस चुका है, जिनमें से एक बच्चे की मौत हो चुकी है। वहीं, गांव निवासी के तीन पशुओं की भी सर्पदंश से जान जा चुकी है।
हाल की घटनाएं
-
29 जुलाई: गांव निवासी अशोक नागर के 11 वर्षीय बेटे अर्पित को सांप ने डस लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
-
5 अगस्त: गायक कलाकार मनोज नागर की पत्नी मुनेश नागर को रसोई में काम करते समय सांप ने डस लिया। निजी अस्पताल में उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ।
-
9 अगस्त: गांव निवासी दिनेश सिंह की पत्नी बबली को सांप ने डसा।
-
18 अगस्त: गांव निवासी राकेश की पत्नी गुड्डी भी सर्पदंश का शिकार हुईं।
इसके अलावा, पिछले एक माह में गांव निवासी रामवीर सिंह के तीन पशुओं की सर्पदंश से मौत हो चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि सांप अक्सर तालाब से निकलकर घरों में घुस रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द तालाब की सफाई और स्थायी समाधान की मांग की है।
हसनपुर के एसडीएम पुष्करनाथ चौधरी ने बताया कि गांव में लगातार सर्पदंश की शिकायतें मिल रही हैं। इस पर वन विभाग की टीम को तत्काल कार्रवाई कर सांप पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तालाब और अन्य स्थानों की साफ-सफाई कराई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को इस समस्या से निजात मिल सके।
सांप के डसने से मौत पर आश्रितों को मिलते हैं 3 लाख रुपये
हसनपुर। मंडी समिति की ओर से कई वर्षों से सीएम दुर्घटना सहायता योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत खेत या कृषि कार्य करते समय किसी व्यक्ति की सांप के डसने से मौत होने पर उसके आश्रितों को तीन लाख रुपये आर्थिक मदद के रूप में दिए जाते हैं।
योजना के तहत मदद पाने के लिए मृतक का पोस्टमार्टम कराना अनिवार्य है। लेकिन जानकारी के अभाव में ग्रामीण इस योजना का लाभ नहीं ले पाते। सांप के डसने से होने वाली मौतों के अधिकांश मामलों में पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने के कारण आश्रितों को सहायता नहीं मिल पाती।
वन विभाग ने टंकी के नीचे से सांप को पकड़कर जंगल में छोड़ा
हसनपुर (बुरावली)। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव हिरनोटा पहुंची। टीम ने घर में टंकी के नीचे बैठे सांप को पकड़ लिया और बाद में सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया।