
सूत्रों के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि हरिने गांव में लंबे समय से प्रतिबंधित नशीली दवाओं का अवैध कारोबार चल रहा है। सूचना के आधार पर हरलाखी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार और हरिने एसएसबी कैंप की टीम ने आरोपी के घर को चारों ओर से घेरकर गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान 5560 पिस और बोतल प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद हुईं।
नेपाल बॉर्डर बना नशे का सेफ जोन
पुलिस सूत्रों का कहना है कि हरिने गांव और नेपाल बॉर्डर का इलाका नशे के कारोबारियों के लिए सेफ जोन बनता जा रहा था। यहां से लगातार सीमावर्ती इलाकों में नशीली दवाओं की तस्करी की जा रही थी, जिसका असर क्षेत्र के युवा वर्ग पर बेहद खतरनाक तरीके से पड़ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की छापामारी और कार्रवाई समय-समय पर जारी रहनी चाहिए, ताकि नशे के फैलते जाल को खत्म किया जा सके।
तथाकथित मीडिया की आड़ में चल रहा था धंधा
खुलासा यह भी हुआ है कि आरोपी एक तथाकथित मीडिया कर्मी का भतीजा है, जो लंबे समय से इस अवैध कारोबार में संलिप्त था। एसएसबी और पुलिस को गुमराह कर उनकी छवि खराब करने की भी कोशिश की जा रही थी। हरलाखी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना पर की गई संयुक्त छापामारी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।