जौनपुर में हुए दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। बृजेश अपने अपनी पत्नी और बेटी के साथ वाराणसी बेटी को खून चढ़वाने गया था। हादसे में पत्नी और बेटी की मौत हो गई, जबकि बृजेश जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है।

जौनपुर के गुरैनी बाजार से 200 मीटर दूर स्थित पेट्रोल पंप के पास मंगलवार की देर रात रोडवेज बस और ट्रक में टक्कर हो गई। इसमें पांच लोगों की मौत और 17 घायल हो गए थे। इस मामले में प्रथम दृष्टया रोडवेज बस चालक की लापरवाही सामने आई है। बाइक सवार को टक्कर मारकर भागने के चक्कर में बस, ट्रक से टकरा गई थी।
मृतका पूनम के ससुर प्यारेलाल विश्वकर्मा की तहरीर पर पुलिस ने रोडवेज के अज्ञात बस चालक पर सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से गाड़ी चलाने, यात्रियों की जान को खतरे में डालने और चोट पहुंचाने के साथ ही लापरवाही व गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
खेतासराय थानाध्यक्ष राम आसरे राय ने बताया कि गुरैनी में मंगलवार की देर रात हुई सड़क दुर्घटना के दौरान रोडवेज बस में करीब 30 यात्री सवार थे। बस बनारस से चलकर जौनपुर होते हुए शाहगंज जा रही थी।
लपरी-कोइरीडीहा के बीच बस की टक्कर से एक बाइक सवार असंतुलित हो गया। यह देख चालक घबरा गया और बस लेकर तेजी से भागने लगा। इस दौरान उसने किसी को फोन मिलाया और बात करने लगा
बातचीत के दौरान वह नियंत्रण खो बैठा और अपनी लेन छोड़कर सड़क की दूसरी ओर जा पहुंचा। इस बीच शाहगंज की ओर से आ रहे ट्रक और बस में टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई और 17 लोग घायल हुए। सभी मृतकों की पहचान बुधवार को हो सकी।
थानाध्यक्ष ने बताया कि हादसे में मृत लोगों में पूनम विश्वकर्मा (26) पत्नी बृजेश विश्वकर्मा, प्रियल उर्फ परी (2) पुत्री बृजेश विश्वकर्मा निवासी शाहगंज जौनपुर, गेना देवी (56) पत्नी इंदल निवासी गोधना थाना पवई जिला आजमगढ़, देवी प्रसाद (35) पुत्र हरिहर प्रसाद निवासी पटैला थाना खुटहन जिला जौनपुर और रतनलाल (54) पुत्र स्व. रामहरख निवासी खलौतीपुर थाना खेतासराय जौनपुर शामिल हैं
इनके अलावा कुल 22 यात्री घायल हैं। बस के परिचालक राजेंद्र प्रसाद निवासी जमैथा थाना जफराबाद गंभीर रूप से घायल है। उन्हें ट्रॉमा सेंटर वाराणसी में भर्ती कराया गया है।थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतका पूनम के ससुर प्यारेलाल विश्वकर्मा की तहरीर पर रोडवेज के अज्ञात बस चालक पर सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से गाड़ी चलाने, यात्रियों की जान खतरे में डालने और चोट पहुंचाने के साथ ही लापरवाही व गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
परी को खून चढ़वाने गया था परिवार, लौटते समय हुई दुर्घटना
सड़क दुर्घटना में पूनम विश्वकर्मा (26) और उनकी बेटी प्रियल उर्फ परी (2) की मौत हो गई है। पूनम के ससुर प्यारेलाल ने नम आखों से बताया कि उनकी पोती परी को जन्म से ही खून की कमी थी। उसे हर तीन महीने में बनारस खून चढ़वाना पड़ता था। मंगलवार को परी के पिता बृजेश और उसकी मां पूनम उसे लेकर बनारस गए थे। वहां से लौटते समय हादसा हो गया। इस हादसे में परी और पूनम की मौत हो गई। बृजेश गंभीर रूप से घायल है और जिंदगी मौत की जंग लड़ रहा है।
परिवार वालों ने शव गृह के बाहर किया हंगामा
मंगलवार की देर रात हुई सड़क दुर्घटना की जानकारी पर परिवार के लोग जब बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां शव गृह के बाहर जमकर हंगामा किया। सभी ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए और डीएम, एसपी व सीएमओ को मौके पर बुलाने की मांग की। परिवार वालों का आरोप था कि शव गृह में सफाई नहीं है। शव को ऐसे ही लावारिस की तरह फेंक दिया गया है। न तो कपड़े से ढका गया और न ही उसे फ्रीजर में रखने की किसी ने जहमत उठाई।
परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया
खेतासराय क्षेत्र के गुरैनी बाजार में मंगलवार को बस और ट्रक की टक्कर में पटैला गांव निवासी युवक की मौत से परिवार गमगीन है। युवक अपने मां-बाप की इकलौती संतान था। उसकी मौत से जहां उनके बुढ़ापे की लाठी छिन गई, वहीं मृतक की पत्नी और तीन बच्चे अनाथ हो गए। परिवार वालों करुण क्रंदन से गांव में शोक है। गांव निवासी देवी प्रसाद (32) किसी काम से बस से जौनपुर जा रहे थे। बस से ट्रक की हुई टक्कर में देवी प्रसाद की मौत हो गई। पत्नी रोशनी रोते-रोते बेसुध हो जा रही हैं। आठ वर्षीय बेटा राज, चार वर्षीय देवांश तथा छह वर्षीय गौरी, पिता हरिप्रसाद व माता को रोते बिलखते देख लोगों की आंखें नम हो गईं।
बृजेश से छूटा पत्नी और बेटी का साथ
निजामपुर गांव में जब मां-बेटी की सड़क हादसे में मौत की खबर पहुंची तो चीख पुकार मच गई। वाराणसी से इलाज कराकर लौट रहे बृजेश विश्वकर्मा की पत्नी पूनम (25) और दो वर्षीय बेटी प्रियल की रोडवेज बस और ट्रक की टक्कर में मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल बृजेश का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, निजामपुर गांव निवासी बृजेश विश्वकर्मा अपनी इकलौती बेटी प्रियल की तबीयत खराब होने पर पत्नी पूनम के साथ इलाज के लिए वाराणसी गए थे। वे मंगलवार की शाम रोडवेज की बस से घर लौट रहे थे। रास्ते में गुरैनी पेट्रोल पंप के समीप उनकी बस की ट्रक से टक्कर हो गई।
पूनम और मासूम प्रियल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि बृजेश गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। बृजेश चार बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटे हैं। घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों की भीड़ लगी रही। बृजेश के पिता प्यारे लाल बेटे की देखरेख के लिए जिला अस्पताल में हैं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


