Anupam Kher: अनुपम खेर ने दोस्त सतीश कौशिक की याद में शुरू की स्कॉलरशिप, अब करेंगे यह काम

Picture of admln

admln

SHARE:

Satish Kaushik Scholarship: अनुपम खेर को भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से राज कपूर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

Anupam Kher Announces Satish Kaushik Scholarship For poor and deserving student

अनुपम खेर बॉलीवुड इंडस्ट्री के सबसे काबिल अभनेताओं-निर्देशकों में से एक हैं। चार दशक के अपने करियर में उन्होंने 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। उन्हें दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड और आठ फिल्म फेयर अवॉर्ड मिल चुके हैं। हाल ही में उन्हें भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से राज कपूर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अनुपम खेर को मिले थे 10 लाख रुपये
अनुपम खेर को राज कपूर पुरस्कार के साथ एक ट्रॉफी और 10 लाख रुपये से नवाजा गया। इस धनराशि के माध्यम से उन्होंने अब अपने एक्टिंग स्कूल में सतीश कौशिक छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत उन्होंने गरीब उम्मीदवार को शिक्षा देने का फैसला किया है।
अनुपम खेर ने स्कॉलरशिप का किया एलान
इंस्टाग्राम पर अनुपम खेर ने एक वीडियो शेयर करते हुए इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने इस पुरस्कार के लिए महाराष्ट्र सरकार का आभार व्यक्त किया। वीडियो में अनुपम खेर ने ‘सतीश कौशिक स्कॉलरशिप’ का एलान किया है। इस स्कॉलरशिप का मकसद उनके अभिनय संस्थान में पढ़ने वाले गरीब और योग्य उम्मीदवारों की मदद करना है।
अनुपम खेर ने यह भी एलान किया कि उनके दिवंगत मित्र और अभिनेता-निर्देशक सतीश कौशिक की मुस्कुराती हुई प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
admln
Author: admln

सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।