Udaipur: मासूम से दुष्कर्म के बाद बवाल, भड़के ग्रामीणों ने SDM और पुलिस की गाड़ी में की तोड़फोड़; हाईवे जाम

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Shikha Bhardwaj

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उदयपुर जिले में एक 8 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म की घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और तनाव फैला दिया है। इस जघन्य अपराध के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर डबोक थाने के बाहर प्रदर्शन किया, बसों और गाड़ियों में तोड़फोड़ की और उदयपुर-चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे की सर्विस रोड को जाम कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस को तैनात करना पड़ा और इलाका छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पीड़िता का इलाज महाराणा भूपाल अस्पताल में चल रहा है।

खेत में मासूम के साथ दुष्कर्म
जानकारी के मुताबिक, यह दिल दहला देने वाली घटना रविवार शाम करीब 7:30 बजे की है। जब 8 साल की बच्ची खेत पर गई थी। थानाधिकारी हुकम सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति ने बच्ची का मुंह दबाकर उसे पास की झाड़ियों में ले गया और डरा-धमकाकर उससे दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। बदहवास हालत में बच्ची जैसे-तैसे अपने घर पहुंची और परिजनों को इस भयावह घटना की जानकारी दी। बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत महाराणा भूपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है।

ग्रामीणों का आक्रोश और तोड़फोड़
सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण डबोक थाने पहुंचे और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस की शुरुआती कार्रवाई से असंतुष्ट ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने बसों, एसडीएम की गाड़ी, पुलिस वाहनों और अन्य निजी वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने उदयपुर-चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे की सर्विस रोड को जाम कर दिया, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद हालात काबू में आए। इस प्रदर्शन ने क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा कर दी।

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पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। थानाधिकारी हुकम सिंह ने बताया कि घटनास्थल पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और डॉग स्क्वॉड की टीम ने सबूत एकत्र किए हैं। इसके अलावा आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि मामले की पूरी जांच हो सके। पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं और उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। घटनास्थल से बच्ची के कपड़े और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

पीड़िता की स्थिति और परिवार का दुख
परिजनों ने बताया कि बच्ची ज्यादातर अपनी मां के साथ ही खेत पर जाती थी, लेकिन रविवार को वह अकेली चली गई थी। इस घटना ने बच्ची के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का कहना है कि इस तरह की क्रूरता ने उनकी बेटी के भविष्य पर गहरा प्रभाव डाला है। महाराणा भूपाल अस्पताल में बच्ची का इलाज चल रहा है और डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को स्थिर बताया है। इस घटना ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे समुदाय को हिलाकर रख दिया है और लोग इस तरह के अपराधों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।