Patna News: पटना एसटीएफ ने वर्षों से फरार कुख्यात नक्सली रामानंद बिंद को गिरफ्तार कर लिया है। उसने 2019 में सड़क निर्माण कार्य में बाधा डालकर लाखों की रंगदारी मांगी थी, जिस मामले में ये चौथी गिरफ्तारी की गई है।

पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल अंतर्गत खीरीमोर थाना क्षेत्र के 2019 के एक पुराने नक्सली मामले में फरार चल रहे कुख्यात नक्सली रामानंद बिंद को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया। पटना एसटीएफ और खीरीमोर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गया जिले से रामानंद बिंद को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी से रंगदारी मांगने और मशीनरी को कब्जे में लेने के मामले से जुड़ी है।
2019 का मामला, जेसीबी को किया था कब्जे में
पटना पश्चिम सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह के मुताबिक, वर्ष 2019 में खीरीमोर थाना क्षेत्र के आपको बिहार गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान नक्सली संगठन के सदस्यों ने कंपनी की जेसीबी मशीन को कब्जे में ले लिया था। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक विवेक सिंह से पर्चा चिपका कर लाखों रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। घटना के बाद मालिक ने थाने में नक्सली संगठन के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।पहले तीन गिरफ्तारियां, चौथा आरोपी अब चढ़ा पुलिस के हत्थे
इस मामले में पुलिस पहले ही तीन नक्सलियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि चौथा आरोपी रामानंद बिंद लंबे समय से फरार चल रहा था। खीरीमोर थाना में उसके खिलाफ दो मामले दर्ज हैं और वह सभी में वांछित था।
पटना पश्चिम सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह के मुताबिक, वर्ष 2019 में खीरीमोर थाना क्षेत्र के आपको बिहार गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान नक्सली संगठन के सदस्यों ने कंपनी की जेसीबी मशीन को कब्जे में ले लिया था। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक विवेक सिंह से पर्चा चिपका कर लाखों रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। घटना के बाद मालिक ने थाने में नक्सली संगठन के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।पहले तीन गिरफ्तारियां, चौथा आरोपी अब चढ़ा पुलिस के हत्थे
इस मामले में पुलिस पहले ही तीन नक्सलियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि चौथा आरोपी रामानंद बिंद लंबे समय से फरार चल रहा था। खीरीमोर थाना में उसके खिलाफ दो मामले दर्ज हैं और वह सभी में वांछित था।
पुलिस अब गिरफ्तार नक्सली के आपराधिक इतिहास की गहन छानबीन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी गतिविधियों और नक्सली संगठन में उसकी भूमिका को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी, ताकि संगठन के नेटवर्क को कमजोर किया जा सके।



