Suresh Wadkar Birthday: हिंदी, मराठी समेत कई भाषाओं के गीतों में अपनी आवाज का जादू बिखेर चुके गायक सुरेश वाडकर आज पूरे 70 साल के हो गए हैं। इसी मौके पर आइए उनकी जिदंगी से जुड़े कई किस्से आपको बताते हैं।

भारतीय संगीत जगत में कुछ आवाजें ऐसी होती हैं जो सीधे दिल को छू जाती हैं। सुरेश वाडकर की आवाज उन्हीं में से एक है। एक ऐसा नाम, जो शास्त्रीय गायकी की गहराई से लेकर फिल्मी संगीत के हर रंग में निखरकर सामने आया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुरेश वाडकर पहले पहलवान बनना चाहते थे? कुश्ती के दांव-पेंच से लेकर माइक के सामने सुर साधने का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। आइए उनके 70वें जन्मदिन के मौके पर उनकी जिदंगी से जुड़ी कुछ बातों को जानते हैं।
सुरेश वाडकर का प्रारंभिक जीवन
सुरेश ईश्वर वाडकर का जन्म 7 अगस्त 1955 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में हुआ था। उनके पिता ईश्वर वाडकर मुंबई के लावर पड़ेरेल के गिरगांव इलाके में स्थित कपड़ा मिल में वर्कर थे, वहीं उनकी माता जी मजदूरों के लिए खाना बनाती थीं। परिवार जल्द ही गिरगांव में बस गया, जहां सुरेश का बचपन बीता।
सुरेश ईश्वर वाडकर का जन्म 7 अगस्त 1955 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में हुआ था। उनके पिता ईश्वर वाडकर मुंबई के लावर पड़ेरेल के गिरगांव इलाके में स्थित कपड़ा मिल में वर्कर थे, वहीं उनकी माता जी मजदूरों के लिए खाना बनाती थीं। परिवार जल्द ही गिरगांव में बस गया, जहां सुरेश का बचपन बीता।