Shweta Suicide: बेटी का शव लेकर पहुंचे पिता, मां बेसुध, बहन को संभालना हुआ मुश्किल, नम आंखों से दी अंतिम विदाई

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श्वेता एक होनहार बीडीएस छात्रा थी जो मानसिक प्रताड़ना और कॉलेज प्रशासन की अनदेखी से टूटकर आत्महत्या कर बैठी। परिवार गम में डूबा है, वहीं एआईएमएसए ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

Shweta Suicide case Father arrived with daughter's body, mother unconscious, sister found it difficult to hand

बेटी श्वेता का शव लेकर पिता बलवंत सिंह रविवार की दोपहर को मुट्ठी स्थित घर पहुंचे। सारिका विहार मुट्ठी की गली नंबर चार में नम आंखें लिए नाते-रिश्तेदार पहुंचे चुके थे। बेटी का शव घर पहुंचते ही मां बेसुध हो गईं। चारों तरफ से रोने की आवाजें माहौल और मन दोनों को बोझिल कर रही थीं। करीब एक घंटे बाद अंतिम संस्कार के लिए परिवारीजन परमंडल के रवाना हुए, वहां पर श्वेता का अंतिम संस्कार किया गया।

मालूम होता तो उसे रोक लेती…कहते हुए बार-बार बेसुध हो जा रही थीं मां
गमगीन माहौल में बेटी के शव के सामने बैठी मां बस एक ही बात दोहराए जा रही थी। सारे सपने हमारे खत्म हो गए। मालूम होता तो उसे रोक लेती, वो तो रुकने ही आई थी शादी के लिए। अचानक से डेटशीट जारी हो गई तो उसे लौटना पड़ा। बहन सुहानी की आंखें रोते-रोते पथरा चुकी थीं। उसका हाल तो ये था कि वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी, उसे रिश्तेदारों ने संभाल रखा था। 

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दोस्त बोली…वो तो एसी थी ही नहीं
मौके पर मौजूद श्वेता की दोस्त अमीषा ने कहा कि दसवीं की पढ़ाई साथ-साथ की थी। पढ़ने से कभी बचती नहीं थी। वो तो एसी नहीं थी कि सुसाइड कर लेगी। यह कहते हुए अमीषा रो पड़ती है। कहती है कि दोस्त तुम्हे एसा नहीं करना चाहिए था।

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राजस्थान के सीएम को पत्र लिखकर उठाया श्वेता की खुदकुशी का मामला
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन के जम्मू-कश्मीर उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर उनके सामने बीडीएस छात्रा श्वेता सिंह की खुदकुशी का मामला उठाया।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर की रहने वाली इस छात्रा की आत्महत्या के मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही जांच पूरी होने तक छात्रा की मानसिक प्रताड़ना के आरोपी उदयपुर स्थित डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के शिक्षकों को भी निलंबित किए जाने की मांग की। उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी बात रखी।

श्वेता सिंह के सुसाइड नोट का जिक्र करते हुए डॉ. खान ने उसके शिक्षकों के दोहरे मानदंड और पढ़ाई में पिछड़ने की वजह से उसके मानसिक तनाव में आने की बात कही। कहा कि यह कहीं अधिक डर और चिंता पैदा करने वाली बात है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर से ढेरों छात्र बाहर जाकर पढ़ाई कर रहे हैं। वे कई तरह के संघर्ष से गुजरते हैं। इस घटना से उनका शैक्षिक संस्थानों पर से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने जल्द से जल्द इस संबंध में कार्रवाई की बात दोहराई।

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Author: planetnewsindia

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