
मृतक के बेटे सतीश की शिकायत पर पुलिस ने सतबीर सिंह और उसकी पत्नी गुड्डी देवी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। सतीश ने बताया कि चार दिन पहले उसकी बुआ चंद्र देवी अपने भाई सतबीर सिंह के घर आई थी। वीरवार सुबह उसके पिता रघुवीर सिंह ने बुआ को आवाज दी। इस पर चाची गुड्डी देवी नाराज हो गई और गाली-गलौच करने लगी।
आरोप है कि उसने चाचा सतबीर को लाठी देकर हमला करने को उकसाया। सतबीर ने तुरंत लाठी से रघुवीर सिंह पर वार कर दिया। सतीश ने बताया कि चाचा शराब के नशे में था और बेरहमी से उसके पिता की हत्या कर दी। जांच अधिकारी रामपाल खिलेरी ने बताया कि शिकायत के आधार पर सतबीर सिंह और उसकी पत्नी गुड्डी देवी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
आरोपी सतबीर सिंह ने बताया कि बड़े भाई का खून उसके हाथों से हो गया, जो जीवन भर का कलंक बन गया। उसने कहा कि वह अपने भाई को मारना नहीं चाहता था, लेकिन गुस्से में यह घटना हो गई। आरोपी ने बताया कि रघुवीर सिंह शराब पीकर रोज गाली देता था और परिवार को परेशान करता था। बुधवार रात वह गंडासा लेकर छत पर चढ़ गया और गालियां देने लगा। घर में उसकी बेटी, बहन और पत्नी ने उसे रोकने की कोशिश की। रात को मामला शांत हो गया था, लेकिन वीरवार सुबह करीब 10:45 बजे वह फिर शराब पीकर गाली देने लगा। सतबीर ने लाठी उठाई और हाथ पर मारने की कोशिश की, लेकिन वार सिर पर लग गया। सतबीर ने कहा कि उसे जीवन भर इस पाप का पछतावा रहेगा। सतबीर ने दावा किया कि उसने 18 साल पहले शराब पीना छोड़ दिया था। भतीजे के आरोप गलत हैं। उसका भाई रघुवीर ही शराब का आदी था।