मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसे सोमवार सुबह बदलकर रेड अलर्ट कर दिया गया था। इन जिलों में मंगलवार के लिए भी भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मानसून समय से 16 दिन पहले पहुंचने के साथ मई माह में सर्वाधिक बारिश का 107 वर्ष का रिकॉर्ड टूट गया। भारी बारिश से मध्य रेलवे की हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं और कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से हजारों लोग जहां-तहां फंसे रहे। वहीं, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र के लिए मौसम विभाग ने आज भी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।

मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसे सोमवार सुबह बदलकर रेड अलर्ट कर दिया गया। इन जिलों में मंगलवार के लिए भी भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून सोमवार को आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र तक पहुंच कर गया। एक-दो दिनों में आंध्र के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून समय से पहले ही तेलंगाना के अलावा मिजोरम के शेष हिस्सों, पूरे त्रिपुरा, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और असम और मेघालय के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया है। अगले तीन दिनों में यह महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों और पूरे पूर्वोत्तर में छा जाएगा।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान में 27 मई से 1 जून तक आंधी, बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अगले दो दिनों तक हिमाचल प्रदेश में कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है।
महाराष्ट्र में तबाही, 13 एनडीआरएफ और दो एसडीआरएफ टीमें तैनात
वर्ली में नवनिर्मित भूमिगत मेट्रो स्टेशन पर पानी भर जाने से एक्वालाइन पर सेवाएं बंद करनी पड़ीं। 250 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित होने की भी सूचना है। मुंबई के अलावा ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में भी बारिश ने खासी तबाही मचाई। महाराष्ट्र में बारिश से बिगड़े हालात पर काबू पाने के लिए 13 एनडीआरएफ और दो एसडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं। एनडीआरएफ की पांच टीमें सोमवार को मुंबई में फंसे लोगों को राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं। सतारा, पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, कोल्हापुर, सांगली और सोलापुर में भी एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाला। एक वायरल वीडियो में भूमिगत मेट्रो स्टेशन परिसर के अंदर एस्केलेटर के साथ पानी रिसता दिख रहा है और फाल्स सीलिंग भी ढह गई है। मेट्रो लाइन 3 मुंबई की पहली पूरी तरह भूमिगत मेट्रो लाइन है अभी निर्माणाधीन ही है। मध्य रेलवे के मस्जिद, बायकुला, दादर, माटुंगा और बदलापुर रेलवे स्टेशनों पर पटरियां जलमग्न हो गईं, जिससे लोकल ट्रेनें रेंगती रहीं।
आईएमडी की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने बताया, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सोमवार मुंबई में दस्तक दे दी। पिछले 75 सालों में पहली बार मानसून इतनी जल्द मुंबई पहुंचा है। 1956 में दक्षिण-पश्चिम मानसून 29 मई को मुंबई पहुंचा था। 1962 और 1971 में भी यह इसी दिन पहुंचा था।

महाराष्ट्र के लातूर जिले में सोमवार शाम बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। अहमदपुर तहसील में यह घटना उस समय हुई जब कुछ लोग खेत में काम कर रहे थे।
Author: planetnewsindia
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