Trains from Jammu to Lucknow: ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पर हुए तनाव के बीच जम्मू और कश्मीर में बसे यूपी के लोगों का पलायन तेजी से जारी है। वहां से आ रही गाड़ियां बुरे हाल में हैं।

जम्मू से आने वाली ज्यादातर ट्रेनें फुल आ रही हैं। आलम यह है कि सामान्य ही नहीं, आरक्षित बोगियों के गेट तक यात्री ठसाठस भरे रहते हैं। यात्री सभी गेटों को बंद कर देते हैं जिससे स्टेशन पर और भीड़ न बढ़े। बैठने की मारामारी इतनी है कि एसी कोच तक में भारी भीड़ रहती है। रविवार देर शाम जम्मू कश्मीर से आने वाली ट्रेनों में यही हाल देखने को मिला।
बहराइच के लियाकत अली परिवार के साथ एक साल से जम्मू में रह रहे थे। भारत-पाकिस्तान में बढ़ी रार के बाद वे अपनी गृहस्थी छोड़कर घर लौट आए हैं। बातचीत में उन्होंने बताया कि जम्मू में मेरी तरह करीब 20 परिवार पेंटिंग का काम करते हैं। जब से युद्ध शुरू हुआ ज्यादातर लोगों ने शहर छोड़ दिया है। बहराइच के मिथलेश और विरेंद्र भी हैं। वे भी परिवार के साथ वापस आए हैं। आरक्षित बोगी में बैठे थे, लेकिन वे खिड़की से किसी तरह उतरे। उन्होंने बताया कि युद्ध विराम जरूर हुआ है, लेकिन जम्मू के लोगों में भय बना है।




