Aligarh News: एएमयू छात्रा से छेड़छाड़, फब्तियां कसते तीन युवक दबोचे, जमकर की धुनाई

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एएमयू छात्रा साइकिल से घर लौट रही थी। रास्ते में तीन युवक छात्रा के पीछे लग गए और फब्तियां कसने लगे। छात्रा के शोर मचाने पर गांव और आसपास के लोग एकत्रित हो गए और तीनों युवकों को मौके पर ही दबोच लिया और जमकर धुनाई की।

Three youths caught molesting and abusing AMU student

थाना लोधा क्षेत्र के खेरेश्वर हाईवे स्थित गांव जतनपुर चिकावटी के पास एएमयू छात्रा से युवकों ने फब्तियां कसते हुए छेड़छाड़ की। गुस्साए लोगों ने तीनों आरोपियों को दबोच कर जमकर धुनाई कर निर्वस्त्र कर दिया। पुलिस ने युवकों का शांति भंग में चालान किया है। घटना का वीडियो भी वायरल हो गया है।

एएमयू की एक छात्रा 26 अप्रैल दोपहर को साइकिल से घर लौट रही थी। रास्ते में तीन युवक छात्रा के पीछे लग गए और फब्तियां कसने लगे। आरोप है कि छात्रा जब गांव जतनपुर चिकावटी के पास पहुंची तो वह छेड़छाड़ करने लगे। छात्रा के शोर मचाने पर गांव और आसपास के लोग एकत्रित हो गए और तीनों युवकों को मौके पर ही दबोच लिया और जमकर धुनाई करने के बाद निर्वस्त्र कर दिया। इस बीच किसी व्यक्ति ने मारपीट का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

घटना की सूचना मिलने पर थाना पुलिसमौके पर पहुंच गई और तीनों को थाने ले आई। बन्नादेवी के मोहल्ला नगला कलार के रहने वाले तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने शांतिभंग में चालान किया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी गभाना संजीव कुमार तोमर ने बताया कि छात्रा के साथ अश्लील कमेंट करने पर तीनों युवकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है। अब तक की जांच में कोई जातिगत मामला सामने नहीं आया है।

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Author: planetnewsindia

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।